प्रयागराज न जा सकें, तो घर पर भी मिल सकता है महाकुंभ स्नान का पुण्य-लाभ, जानिए इसके लिए किन विधियों का पालन करें
महाकुंभ एक ऐसा धार्मिक उत्सव है जहां लाखों श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित करने की कामना करते हैं। लेकिन, बता दें अगर आप महाकुंभ नही जा पा रहे हैं, तो भी आप इन उपायों को अपनाकर पुण्य अर्जित कर सकते हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
महाकुंभ, (सौ.सोशल मीडिया)
Mahakumbh 2025: महाकुंभ हिंदू धर्म के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। जो इस समय देश में चल रहा हैं। जहां लाखों श्रद्धालु श्रद्धा की डुबकी लगाने देश-विदेश से पहुंच रहे हैं। जिसकी शुभारंभ पौष पूर्णिमा से हो चुका है। 13 जनवरी से शुरू हुआ महाकुंभ का पावन पर्व 26 फरवरी 2025 तक चलेगा।
आपको बता दें, पिछले कुछ दिनों में अब तक करीब 8 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु गंगा-यमुना के पावन संगम में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ बटोर चुके हैं और करोड़ों लोग धीरे-धीरे जाने की अवस्था में है।
चूंकि इस बार का कुंभ 144 साल के बाद आयोजित हो रहा है तो हर किसी की इच्छा है कि इस अवसर को हाथ से न जाने दिया जाए। इसके चलते क्या देसी, क्या विदेशी सभी लोगों में महाकुंभ के लिए जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है।
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आपको बता दें, हम में से कई लोग समय, स्वास्थ्य या अन्य कारणों से प्रयागराज नहीं जा पाते है। लेकिन, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप महाकुंभ के दिव्य अनुभव और पुण्य का लाभ नहीं उठा सकते हैं। ज्योतिष और धर्म के कुछ सरल उपायों के द्वारा भी आप घर बैठे भी इस पवित्र अवसर का लाभ उठा सकते हैं। आइए जानते है इस बारे में-
प्रयागराज गए बिना ऐसे ले सकते हैं महाकुंभ का अनुभव
घर में इस विधि से कर लें कुंभ स्नान
ज्योतिष के अनुसार, प्रयागराज गए बिना घर पर ही महाकुंभ का अनुभव का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए आपको घर के आसपास कोई पवित्र और स्वच्छ नदी बहती है तो आप वहां जाकर भी कुंभ स्नान कर सकते हैं। इससे आपको महाकुंभ के दिव्य अनुभव और पुण्य का लाभ मिल सकता हैं।
इसके लिए ब्रह्म मुहूर्त यानी कि सुबह 4 से 6 बजे के बीच उठें। नित्यक्रिया के पश्चात आप पानी में गंगाजल मिलाएं और फिर मां गंगा का स्मरण करते हुए स्नान शुरू कर दें। स्नान के दौरान मां गंगा का जाप करना आवश्यक होता है। अमृत स्नान का पुण्य पाने के लिए नहाते वक्त शैंपू, साबुन या डिटर्जेंट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
इन चीजों के सेवन का करें परहेज
कहते हैं, जिस दिन आप घर पर रहकर पावन स्नान करें, उस दौरान आप तामसिक भोजन से पूरी तरह दूरी बना लें। यहां तक कि आप उस दिन लहसुन-प्याज से बना हुआ भोजन भी न खाएं। साथ ही ज्यादा तला-भुना और चिकनाई वाले तेल से भी परहेज करें।
आपको बता दें, इन चीजों के अलावा अपने मन को भी शुद्ध बनाए रखें और शराब, बीड़ी- सिगरेट, गुटखा समेत नशे की तमाम चीजों को खुद को दूर कर लें।
इन चीजों का दान करना न भूलें
जिस दिन आप घर में रहकर कुंभ स्नान करें तो उसके पश्चात जरूरतमंदों को दान देना न भूलें। असल में कुंभ स्नान दान-पुण्य के बिना अधूरा है। इसलिए आप स्नान के पश्चात जरूरतमंदों को गरम कपड़े, भोजन, धन या उनकी जरूरत से जुड़ी वस्तुओं का दान कर सकते हैं।
कहते हैं, ऐसा करने से जातक को महाकुंभ के समान ही पुण्य फलों की प्राप्ति होती है और प्रयागराज जाए बिना भी मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है।
