Sundar Kand Path Ke Niyam: घर में चल रही हैं परेशानियां? इन नियमों से करें सुंदर कांड पाठ, दूर होगी सारी पीड़ा

Sundar Kand Path: तुलसीदास द्वारा लिखी गई रामचरितमानस में सुंदर कांड पांचवे अध्याय पर है। नियमित रूप से विधि-विधान से सुंदर कांड का पाठ करने से व्यक्ति के जीवन की सारी पीड़ा दूर हो जाती है।
Hanuman ji ke Sundar Kand Path Ke niyam aur iske fayde
सुंदरकांड पाठ (फोटो.सोशल मीडिया)
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Sundar Kand Path Ke Niyam: हनुमान जी को संकटमोचन भी कहा जाता है, क्योंकि वह अपने भक्तों के सभी संकटों को दूर कर उनके जीवन को सुखमय बनाते हैं। वैसे तो हनुमान जी का पूजन रोजाना किया जाता है, लेकिन मंगलवार व शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा के लिए बेहद खास माने गए हैं।

इस दिन हनुमान मंदिरों में लाखों की संख्या में श्रद्धालु हनुमान जी की पूजा आराधना में लीन रहते हैं। इस दिन सुंदर कांड और हनुमान चालीसा का पाठ करने से कई गुना फल की प्राप्ति होती है। व्यक्ति के जीवन में अद्भुत परिणाम देखने को मिलते हैं।

सुंदरकांड पाठ के फायदे

हनुमान जी की पूजा करने से व्यक्ति को सभी प्रकार के रोग, दोष, कष्ट, भय, परेशानियों से मुक्ति मिलती है। वहीं यदि घर में सुंदरकांड का पाठ करते हैं, तो हनुमान जी अपनी विशेष कृपा बरसाते हैं और जीवन में फैली नकारात्मकता को दूर करते हैं। सुंदरकांड का पाठ करने से मन में पॉजिटिव एनर्जी का संचार होता है और चुनौतियों से लड़ने की क्षमता मिलती है। इसके अलावा कुंडली में मौजूद ग्रह-दोष का अशुभ प्रभाव भी खत्म होता है और बुरी शक्तियों की बाधाएं भी मिट जाती हैं। इसी के साथ साधक को बल, बुद्धि और विद्या का आशीर्वाद भी मिलता है।

सुंदरकांड पाठ(फोटो.सोशल मीडिया)
सुंदरकांड पाठ(फोटो.सोशल मीडिया)

सुंदर कांड करने के नियम

  • हिंदू धर्म में सुंदरकांड पाठ के ​कुछ नियम बताए गए हैं, जिनके अनुसार सुंदर कांड का पाठ मंगलवार और शनिवार के अलावा हनुमान जन्मोत्सव के दिन करना चाहिए। ऐसा करने से जातक को कई प्रकार के ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है और अशुभ ग्रहों का भी प्रभाव कम होता है।
  • सुंदरकांड का पाठ करते समय व्यक्ति को आत्मिक और शारीरिक शुद्धता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसलिए पाठ करने से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद सुंदरकांड का पाठ करने बैठें।
  • सुंदर कांड का पाठ करते समय व्यक्ति को मानसिक रूप से शांत रहना चाहिए और मन में नकारात्मक विचार नहीं लाने चाहिए। क्योंकि नकारात्मक विचार आने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है।
  • जब कोई व्यक्ति सुंदर कांड का पाठ करने का संकल्प लेता है, तो उसे उस दिन तामसिक भोजन व शराब से दूर रहना चाहिए। घर में शुद्धता का ध्यान रखें और सात्विक भोजन का ही सेवन करें।
सुंदरकांड पाठ (फोटो.सोशल मीडिया)
सुंदरकांड पाठ (फोटो.सोशल मीडिया)
  • इसके बाद हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर के सामने बैठें और घी या तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद श्रद्धा भाव से और सुंदर कांड का पाठ शुरू करें। आप राम दरबार के सामने बैठकर भी सुंदर कांड का पाठ कर सकते हैं।
  • सुंदर कांड पाठ का पूर्ण फल पाना चाहते हैं, तो इसका पाठ करने के​ लिए सबसे शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त व प्रदोष काल होता है। ​कहते हैं ब्रह्म मुहूर्त और प्रदोष काल के समय व्यक्ति का मन शांत रहता है और नकारात्मक विचारों का प्रभाव कम रहता है।
  • इसके अलावा अमावस्या के दिन सुंदर कांड का पाठ करने से बचना चाहिए।
  • अगर आप 11 दिन 21 दिन 31 दिन अथवा 41 दिन सुंदरकांड का पाठ करते हैं, तो ऐसा करने से अद्भुत चमत्कार देखने को मिलेगा। जीवन में कई तरह के शुभ परिणाम मिलेंगे।
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