गुरु नानक जयंती’ नवंबर में इस दिन, जानिए नानक के बताए जीवन के 3 मुख्य मार्ग
Guru Nanak Jayanti:हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरु नानक जयंती मनाई जाती है। इसे गुरुपर्व या प्रकाश उत्सव के नाम से भी जाना जाता है। गुरु नानक देव जी पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
कब है गुरु नानक जयंती (सौ.सोशल मीडिया)
Guru Nanak Jayanti 2025 Date: ‘गुरु नानक जयंती’ सिख धर्म के अनुयायियों के लिए विशेष महत्व रखता है। यह पर्व सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस साल यह जयंती बुधवार 5 नवंबर 2025 को है। गुरुपर्व या प्रकाश उत्सव सिख धर्म का सबसे बड़ा उत्सव है, जिसे हर साल कार्तिक महीने की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है।
आपको बता दें, यह त्योहार मुख्य रूप से सिख धर्म के प्रथम गुरु और संस्थापक गुरु नानक देव जी को समर्पित है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन को सिख समुदाय के लोग गुरु नानक देव जी की जयंती के रूप में भी मनाते हैं। आइए जानिए गुरु नानक जयंती की तारीख़, और धार्मिक महत्व के बारे में।
कब है 2025 गुरु नानक जयंती
आपको बता दें, साल 2025 में गुरु नानक जयंती 5 नवंबर, बुधवार को मनाई जाएगी। यह दिन कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आता है। इस पवित्र दिन पर देशभर के गुरुद्वारों में नगर कीर्तन, कीर्तन दरबार, और लंगर सेवा का आयोजन किया जाता है।
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श्रद्धालु प्रभात फेरी निकालते हैं और गुरु नानक जी के उपदेशों को याद करते हुए जीवन में सादगी, दया और सेवा का संदेश अपनाते हैं।
गुरु नानक देव के बताए 3 मुख्य मार्ग:
नाम जप- ईश्वर का स्मरण
कीरत करना- ईमानदारी से कर्म करना
वंड चक्खो- साझा करना, दूसरों की मदद करना
सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं गुरु नानक साहिब
भले ही सिख समुदाय के लिए गुरु नानक जयंती महत्वपूर्ण पर्व होता है। लेकिन, गुरु नानक देव जी पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं। इतिहासकारों के अनुसार, गुरु नानक देव जी ने जाति और लिंग के आधार पर भेदभाव करने का जमकर विरोध किया।
निस्वार्थ भाव से सेवा करने और मानवता के प्रति अपना कर्तव्य निभाने पर जोर दिया। यही कारण है कि आज भी लोगों को गुरुनानक देव जी की दी हुई शिक्षाएं प्रेरित करती हैं।
गुरु नानक देव जी का प्रसिद्ध उपदेश था- “एक ओंकार सतनाम, करता पुरख, निर्भउ, निरवैर।” इस उपदेश को आज भी सिख धर्म की नींव का आधार माना जाता है।
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गुरु नानक जयंती का महत्व
यह पर्व हमें सिखाता है कि सच्ची पूजा केवल ईश्वर के नाम का स्मरण नहीं, बल्कि दूसरों की सेवा में निहित है। गुरु नानक जी ने कहा था, “ना कोई हिन्दू, ना मुसलमान- सब इंसान हैं।”
