Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

महाभारत का रहस्यमयी पात्र घटोत्कच: एक भूल, एक श्राप और तय हो गई वीर की मृत्यु

Mahabharat Ghatotkach: महाभारत की कथा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी हजारों वर्ष पहले थी। यह महाकाव्य केवल कौरवों और पांडवों का युद्ध नहीं, बल्कि धर्म और अधर्म के संघर्ष की अमर गाथा है।

  • Written By: सिमरन सिंह
Updated On: Jan 19, 2026 | 06:51 PM

Ghatotkach (Source. Pinterest)

Follow Us
Close
Follow Us:

Mahabharat Mystery About Ghatotkach: महाभारत की कथा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी हजारों वर्ष पहले थी। यह महाकाव्य केवल कौरवों और पांडवों का युद्ध नहीं, बल्कि धर्म और अधर्म के संघर्ष की अमर गाथा है। इस कथा में कई ऐसे पात्र हैं, जिनका जीवन और अंत गहरे रहस्यों से भरा हुआ है। उन्हीं में से एक थे घटोत्कच, जिनकी वीरता जितनी प्रसिद्ध है, उतनी ही रहस्यमयी उनकी मृत्यु भी।

कौन थे घटोत्कच?

घटोत्कच पांडु पुत्र भीम और राक्षसी हिडिम्बा के पुत्र थे। वे अलौकिक शक्तियों से संपन्न, पराक्रमी और युद्ध में अद्भुत योद्धा थे। महाभारत युद्ध के दौरान उन्होंने अकेले ही कौरवों की विशाल सेना को भारी क्षति पहुंचाई थी। उनकी माया और शक्ति से कौरव सेना भयभीत हो उठी थी।

द्रौपदी का अपमान और बड़ी भूल

महाभारत की कथा के अनुसार, जब घटोत्कच पहली बार पांडवों के महल में पहुंचे, तो उन्होंने अपनी माता हिडिम्बा की आज्ञा का पालन करते हुए सभी पांडवों को प्रणाम किया, लेकिन द्रौपदी को सम्मान देना भूल गए। उन्होंने द्रौपदी को एक साधारण नारी समझकर उनकी उपेक्षा कर दी। यही उनकी सबसे बड़ी भूल बन गई।

सम्बंधित ख़बरें

रामायण का कौन सा कांड नहीं पढ़ा जाता? जानकर हैरान हो जाएंगे राम भक्त

कुछ दिन ये नियम अपना लो, जीवन बदल जाएगा, प्रेमानंद जी महाराज का शांति पाने का सरल मार्ग

2026 की ‘जया एकादशी’ की तिथि को लेकर कंफ्यूज़न! जानिए सबसे सटीक तिथि और पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त

गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं के किस स्वरूप को भोग में क्या चढ़ाएं? इन विशेष 9 भोग से प्रसन्न होंगी मां!

स्कंद पुराण में वर्णित कथा

स्कंद पुराण के प्रभास खंड के अनुसार, द्रौपदी पांचाल नरेश की पुत्री और पांडवों की पत्नी थीं। घटोत्कच के इस व्यवहार से वे अत्यंत आहत हो गईं। उन्हें लगा कि राक्षसी कुल में जन्मा यह योद्धा राजमर्यादा और स्त्री सम्मान का महत्व नहीं समझता।

क्रोध में दिया गया श्राप

अपमान से क्रोधित होकर द्रौपदी ने घटोत्कच को श्राप देते हुए कहा, “तुमने एक महारानी का अपमान किया है, इसलिए तुम्हारी आयु कम होगी और तुम युद्ध के अंत से पहले अकाल मृत्यु को प्राप्त हो जाओगे।” जब यह बात भीम को पता चली, तो उन्होंने द्रौपदी से क्षमा मांगी। द्रौपदी का क्रोध तो शांत हुआ, लेकिन दिया गया श्राप वापस नहीं लिया जा सका।

कर्ण का अमोघ शक्ति और नियति

महाभारत युद्ध में जब घटोत्कच ने कौरव सेना को तहस-नहस कर दिया, तब दुर्योधन के कहने पर कर्ण ने देवराज इंद्र से प्राप्त ‘अमोघ शक्ति’ अस्त्र का प्रयोग किया। इस अस्त्र से घटोत्कच का वध हो गया। कहा जाता है कि यह सब श्रीकृष्ण की लीला थी, क्योंकि अर्जुन के प्राण बचाने और धर्म की स्थापना के लिए कर्ण का यह अस्त्र घटोत्कच पर चलना आवश्यक था।

ये भी पढ़े: रामायण का कौन सा कांड नहीं पढ़ा जाता? जानकर हैरान हो जाएंगे राम भक्त

ध्यान दें

घटोत्कच की कथा यह सिखाती है कि सम्मान और मर्यादा का उल्लंघन, चाहे अनजाने में ही क्यों न हो, भारी परिणाम ला सकता है। उनकी मृत्यु वीरता से भरी थी, लेकिन एक छोटी-सी भूल ने उनके भाग्य की दिशा बदल दी।

Ghatotkacha the mysterious character of the mahabharata a mistake a curse and the heros death was sealed

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 19, 2026 | 06:51 PM

Topics:  

  • Mahabharat
  • Religion
  • Sanatan Hindu religion
  • Spiritual

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.