

कार्तिक महीने में दीपावली और गोवर्धन पूजा मनाई जाती है।
भाई दूज भाई-बहन के प्यार का त्योहार है।
छठ पूजा में सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाता है।
देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह भी इसी महीने आते हैं।
कार्तिक पूर्णिमा पर दीपदान और दान-पुण्य की परंपरा है।
Kartik Month Vrat Tyohar: 27 अक्टूबर से कार्तिक मास की शुरुआत हो चुकी है। यह मास हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस महीने दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, छठ पूजा, देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह जैसे कई प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं। पूजा-पाठ, दीपदान और धार्मिक परंपराओं के कारण भी इस महीने का खास स्थान है। आइए जानते हैं कार्तिक मास के प्रमुख त्योहारों और उनके महत्व के बारे में।
उत्तर भारत की पूर्णिमांत पंचांग परंपरा के अनुसार, साल 2026 में कार्तिक मास 27 अक्टूबर से 24 नवंबर तक रहेगा। हालांकि, अमांत पंचांग मानने वाले कुछ क्षेत्रों में कार्तिक मास की गणना अलग होती है। इसलिए त्योहारों की तारीख और मास की शुरुआत समझते समय स्थानीय पंचांग देखना उपयोगी रहता है।
कार्तिक मास के प्रमुख पर्वों में दीपावली और गोवर्धन पूजा शामिल हैं। दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है तथा घरों में दीपक जलाए जाते हैं। इसके बाद गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी गोवर्धन पूजा की परंपरा निभाई जाती है।
भाई दूज भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित त्योहार है। इस अवसर पर बहनें भाइयों के सुख और मंगल की कामना करती हैं। वहीं, छठ पूजा में सूर्यदेव और छठी मैया की उपासना की जाती है। व्रती डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। यह पर्व विशेष रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
देवउठनी एकादशी को भगवान विष्णु के योगनिद्रा से जागने की धार्मिक मान्यता से जोड़ा जाता है। इसके साथ चातुर्मास की समाप्ति भी मानी जाती है। कई परिवारों में इस दिन से मांगलिक कार्यों की शुरुआत की परंपरा है। इसके बाद तुलसी विवाह मनाया जाता है, जिसमें तुलसी माता और भगवान शालिग्राम के विवाह का आयोजन किया जाता है।
कार्तिक मास का समापन कार्तिक पूर्णिमा से होता है। इस दिन स्नान, दान, पूजा और दीपदान की परंपरा है। वाराणसी सहित कई स्थानों पर देव दीपावली विशेष उत्साह से मनाई जाती है। कुल मिलाकर, कार्तिक मास के त्योहार धार्मिक आस्था, पारिवारिक संबंधों और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े हैं।