Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

कर्ण-दुर्योधन भी नहीं चढ़ा पाए धनुष, तो अर्जुन ने कैसे रच दिया इतिहास? द्रौपदी स्वयंवर का छुपा रहस्य

Draupadi Swayamvar: द्रौपदी स्वयंवर आज भी लोगों के मन में कई सवाल छोड़ जाता है। सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि दिव्य धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाने में कर्ण, शल्य, दुर्योधन जैसे महाबली योद्धा असफल क्यों रहें।

  • Written By: सिमरन सिंह
Updated On: Jan 24, 2026 | 02:58 PM

Draupadi's Swayamvar (Source. Gemini)

Follow Us
Close
Follow Us:

Draupadi Swayamvar Ke Niyam: महाभारत का द्रौपदी स्वयंवर आज भी लोगों के मन में कई सवाल छोड़ जाता है। सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि जिस भारी और दिव्य धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाने में कर्ण, शल्य, दुर्योधन जैसे महाबली योद्धा असफल रहे, वही धनुष अर्जुन ने इतनी आसानी से कैसे चढ़ा दिया? क्या यह सिर्फ ताकत का खेल था या इसके पीछे कोई गहरी शर्त और रहस्य छुपा था?

द्रौपदी स्वयंवर और दिव्य धनुष की कथा

द्रौपदी स्वयंवर में राजा द्रुपद ने एक विशेष शर्त रखी थी। स्वयंवर में रखा गया धनुष साधारण नहीं था, बल्कि यह भगवान विश्वकर्मा द्वारा निर्मित दिव्य धनुष था। इस धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाना ही नहीं, बल्कि तय नियमों के अनुसार उसे साधना भी अत्यंत कठिन था। यही कारण था कि बड़े-बड़े योद्धा भी इसमें असफल हो गए।

धनुष चढ़ाने की सख्त शर्तें

इस स्वयंवर में धनुष उठाने वाले के लिए कुछ खास शर्तें तय की गई थीं, जिन्हें पूरा करना अनिवार्य था:

सम्बंधित ख़बरें

शनिवार का भूल से भी न खरीदें ये चीज़, वरना झेलना पड़ेगा शनिदेव का प्रकोप

आरोग्य और संतान-सुख के लिए ‘सूर्य जयंती’ पर करें ये विशेष उपाय, बनेंगे सुख-शांति के योग!

किस्मत पलट देगी कछुए वाली अंगूठी, लेकिन सिंह समेत इन राशि के जातकों को है मना!

बाथरूम की बाल्टी से है क्या है आपका किस्मत कनेक्शन? जीवन में सुख-शांति चाहते हैं तो तुरंत पढ़ें

  • धनुष को पकड़ने वाला व्यक्ति ब्राह्मण का वेश धारण करेगा।
  • धनुष की प्रत्यंचा द्रौपदी को देखे बिना चढ़ानी होगी।
  • प्रत्यंचा को एक ही प्रयास में चढ़ाना अनिवार्य था।

ये शर्तें केवल शारीरिक बल नहीं, बल्कि संयम, एकाग्रता और नियमों के पालन की परीक्षा थीं।

अर्जुन ने कैसे पूरी की सभी शर्तें?

अर्जुन ब्राह्मण के वेश में स्वयंवर में पहुंचे थे। उन्होंने न तो द्रौपदी की ओर देखा और न ही बार-बार प्रयास किया। उन्होंने पूरे ध्यान और आत्मविश्वास के साथ एक ही बार में धनुष की प्रत्यंचा चढ़ा दी। यही वजह थी कि अर्जुन इस परीक्षा में सफल हुए और द्रौपदी ने उन्हें वरमाला पहनाई।

कर्ण, शल्य और दुर्योधन क्यों असफल रहे?

कई लोग यह मानते हैं कि कर्ण या दुर्योधन अर्जुन से कम शक्तिशाली नहीं थे, लेकिन वे शर्तों को पूरा नहीं कर पाए:

  • वे क्षत्रिय थे, ब्राह्मण वेश में नहीं थे।
  • वे द्रौपदी को देखकर धनुष चढ़ाने का प्रयास कर रहे थे।
  • उन्होंने एक से अधिक बार प्रत्यंचा चढ़ाने की कोशिश की।

इन कारणों से उनका प्रयास नियमों के विरुद्ध था और वे असफल हो गए।

कृष्ण की कृपा और अर्जुन की योग्यता

अर्जुन की सफलता सिर्फ बल का परिणाम नहीं थी। इसके पीछे भगवान कृष्ण की कृपा और अर्जुन की अद्भुत साधना, अनुशासन और योग्यता भी थी। यही कारण है कि अर्जुन इतिहास में धर्म और मर्यादा के प्रतीक माने जाते हैं।

ये भी पढ़े: मन ही मन की सेवा से हुआ चमत्कार, कंजूस को भगवान ने मारा थप्पड़ – Shri Premanand Ji Maharaj

सीख क्या मिलती है?

द्रौपदी स्वयंवर यह सिखाता है कि केवल शक्ति ही नहीं, बल्कि नियमों का पालन, धैर्य और सही समय पर सही निर्णय ही सफलता की असली कुंजी होते हैं।

Even karna and duryodhana couldnt string the bow so how did arjun make history the hidden secret of draupadis swayamvar

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 24, 2026 | 02:58 PM

Topics:  

  • Karan Arjun
  • Mahabharat
  • Religion
  • Sanatana Dharma

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.