रथ यात्रा दर्शन के लिए पहुंचे हैं पुरी, तो इन टूरिस्ट स्पॉट्स को देखना न भूलें
पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा शुरू हो गई है, जो हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। अगर आप भी रथ यात्रा में शामिल होने के लिए पुरी गए हैं, तो इन जगहों पर जाना बिल्कुल न भूलें।
- Written By: सीमा कुमारी
पुरी की इन जगहों को एक्सप्लोर करना न भूलें (सौ.सोशल मीडिया)
जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत आज यानी 27 जून, 2025 से है। हर साल की तरह इस साल भी इस यात्रा में देश के हर कोने से लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आपको बता दें, नौ दिवसीय रथ यात्रा 9 दिनों तक चलेगी और इसका समापन 5 जुलाई 2025 को होगा।
बता दें, रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के भव्य रथों को खींचते हैं और पूरे शहर में भक्ति और उल्लास का माहौल छा जाता हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुरी सिर्फ एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि आसपास कई ऐसी जगहें भी हैं जो नेचर, आर्ट और विरासत की शानदार झलक देती हैं?
अगर आप रथ यात्रा के लिए पुरी में हैं, तो सिर्फ मंदिर दर्शन करके ही न लौटें। यहां कुछ ऐसी खास जगहें हैं, जिन्हें आपको जरूर देखना चाहिए।
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चाहे आपको समंदर की लहरों के साथ सुकून चाहिए, अद्भुत कलाकृति देखने का शौक हो या झील में डॉल्फिन के साथ रोमांच का अनुभव, पुरी आपको हर रंग में रंगने के लिए तैयार है। तो चलिए जानते हैं, पुरी में रथ यात्रा के साथ-साथ किन जगहों को जरूर एक्सप्लोर कर सकते हैं?
पुरी की इन जगहों को एक्सप्लोर करना न भूलें
पुरी का बीच
अगर आप जगन्नाथ रथ यात्रा देखने के लिए पुरी गए है तो पुरी का बीच एक्सप्लोर करना यानी घूमना न भूलें। आपको बता दें, यह बीच जगन्नाथ मंदिर से बेहद नजदीक है। आप यहां किसी भी समय जा सकते है। यहां सनसेट का नजारा बेहद अद्भुत लगता है और स्थानीय कलाकारों द्वारा रेत से बनाई गई मूर्तियां भी देखने लायक होती है। श्रद्धालु मंदिर दर्शन के बाद यहां स्नान भी करते हैं, जिसे धार्मिक रूप से पवित्र माना जाता है।
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चिल्का झील को करें एक्सप्लोर
अगर आप जगन्नाथ रथ यात्रा देखने के लिए पुरी गए है तो चिल्का झील को देखना न भूलें। चिल्का झील पुरी से लगभग 50 किमी दूर स्थित है। बता दें, चिल्का झील भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की झील है। अगर आपके पास थोड़ा समय है तो आप यहां भी जा सकते है।
रघुराजपुर कलाकार गांव
पुरी से करीब 1520 किमी दूर बसा यह गांव ओडिशा की ट्रेडिनल आर्ट , पट्टचित्र, तसर पेंटिंग और ताड़पत्र चित्रकला के लिए जाना जाता है। यहां हर घर एक आर्ट गैलरी जैसा दिखता है, जहां आप कलाकारों को काम करते हुए देख सकते हैं और उनके आर्ट वर्क को भी खरीद सकते है। यह जगह लोककला से जुड़े लोगों के लिए एक खास एक्सपीरियंस देती है।
कोणार्क सूर्य मंदिर
अगर आप पुरी गए है जगन्नाथ रथ यात्रा का दर्शन करने के लिए तो कोणार्क सूर्य मंदिर का दर्शन करना न भूलें। पुरी से लगभग 35 किमी दूर यह ऐतिहासिक धरोहर यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है। जो सूर्य देव को समर्पित ये मंदिर अपनी रथ के आकार की अनोखी वास्तुकला और पत्थर की नक्काशी के लिए जाना जाता है। कोणार्क मंदिर आध्यात्म और शिल्पकला का बेहतरीन संगम है, जिसे आपको एक बार तो जरूर देखना चाहिए।
