राधा अष्टमी व्रत’ में भूल से भी न करें ये गलतियां, निष्फल जाएगी पूजा, जानिए क्या करें क्या नहीं
Radha Ashtami 2025 Vrat Niyam: राधा रानी को समर्पित राधा अष्टमी हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है, जो कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के कुछ दिन बाद आता है। इस दिन साधक व्रत रखते हैं और पूजा-पाठ करते हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
राधा अष्टमी के दिन करें इन नियमों का पालन (सौ.सोशल मीडिया)
Radha Ashtami Vrat Rules: जिस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव पूरे देशभर में बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है ठीक उसी प्रकार राधा अष्टमी का उत्साह भी मनाया जाता है। यह दिन भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त और प्रेम स्वरूपा श्री राधा रानी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
खासकर ब्रजभूमि, मथुरा और वृंदावन जैसे तीर्थस्थलों पर इस दिन विशेष उत्सव और झांकियों का आयोजन होता है। श्रद्धालु व्रत रखते हैं, कीर्तन-भजन करते हैं और राधा रानी की विधिपूर्वक पूजा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने से जीवन में प्रेम, सौहार्द और सुख-शांति का वास होता है।
शास्त्रों के अनुसार, राधा अष्टमी के दिन पूजा-पाठ और व्रत के कुछ नियम होते हैं जिनका पालन करना बहुत जरूरी माना गया है।
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सही विधि से पूजा न करने या कुछ गलतियां करने पर पूजा का फल बाधित हो सकता है। इसलिए इस पावन अवसर पर क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए, यह जानना आवश्यक है, ताकि श्रद्धा के साथ किया गया पूजन पूर्ण फलदायक हो सके।
राधा अष्टमी के दिन क्या करें
- भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर ब्रह्मचर्य नियम का पालन करें।
- राधा अष्टमी व्रत की शुरुआत या व्रत नियम का पालन ललिता सप्तमी से करें।
- घर के बड़े-वृद्ध की सेवा और सम्मान करें। वाणी और मन पर कंट्रोल रखें।
- जगत की देवी राधा रानी को पूजा के दौरान लाल और पीले रंग के पुष्प अर्पित करें।
- राधा अष्टमी व्रत का पारण नवमी तिथि पर शुभ समय में करें। इसके लिए स्थानीय पंडित की सलाह लें।
- राधा अष्टमी के दिन गौ माता की सेवा करें।
- भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर अन्न और धन का दान करें।
राधा अष्टमी के दिन क्या न करें
- राधा अष्टमी के दिन पूजा के समय या व्रत के दौरान काले रंग के कपड़े न पहनें।
- राधा अष्टमी के दिन किसी का दिल न दुखाएं और न ही किसी को भला बुरा कहें।
- भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी के दिन झूठ न बोलें और न किसी के साथ छल करें।
- राधा अष्टमी के दिन नाखून न काटें और न ही हेयर कटिंग कराएं।
- तामसिक चीजों का सेवन भूलकर न करें। लहसुन और प्याज का भी परित्याग करें।
- शुद्ध और शीतल जल का प्रयोग फलाहार के दौरान करें।
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