माता रानी की चौकी(सौ.सोशल मीडिया)
Chaitra Navratri Chowki Rules: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व भक्ति और दिव्य शक्ति की आराधना का शुभ समय बताया गया हैं। इस दौरान माता रानी के भक्त माता दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा करते साथ ही व्रत रखते हैं। नौ दिनों तक चलने वाले इस शक्ति उपासना के पर्व में भक्त अपने घरों में माता रानी की चौकी स्थापित करते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर चौकी स्थापना में दिशा या नियमों की चूक हो जाए, तो पूजा का पूरा फल नहीं मिलता हैं। हिन्दू शास्त्रों और वास्तु विज्ञान में मां दुर्गा की चौकी स्थापित करने के कुछ विशेष नियम बताए गए हैं।
ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्र के अनुसार, नवरात्रि में मां की चौकी लगाते समय दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। शास्त्रों और वास्तु के अनुसार चौकी को हमेशा ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करना शुभ माना जाता है।
इस दिशा को देवताओं का स्थान कहा जाता है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। गलत दिशा में चौकी रखने से पूजा का प्रभाव कम हो सकता है।
बताया जाता है कि, नवरात्रि की पूजा में काले रंग से परहेज करना चाहिए। पूजा के समय काले कपड़े पहनना या चौकी पर काला कपड़ा बिछाना अशुभ माना जाता है। इसके स्थान पर लाल, पीला या अन्य शुभ रंगों का उपयोग करना बेहतर होता है, जो सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार काला रंग पूजा कार्यों के लिए उचित नहीं माना जाता।
अक्सर लोग भक्ति में ज्यादा मूर्तियां या तस्वीरें रख देते हैं, लेकिन शास्त्रों के अनुसार ऐसा करना उचित नहीं है। मां दुर्गा की तीन मूर्तियां या चित्र एक साथ रखना अशुभ माना गया है। आप अधिकतम दो मूर्तियां या चित्र ही स्थापित करें, इससे पूजा शास्त्र सम्मत मानी जाती है।
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नवरात्रि में कलश स्थापना का विशेष महत्व माना जाता है। ध्यान रखें कि कलश को मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर के दाईं ओर स्थापित करना शुभ होता है। सही स्थान पर कलश रखने से पूजा पूर्ण मानी जाती है। विधि-विधान और नियमों का पालन करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।