रामायण का सबसे बड़ा सवाल, युद्ध के बाद वानर सेना कहाँ गई?

Ramayan Vanar Sena Kahan Gayi: रामायण के खत्म होने के बाद आखिर वानर सेना का क्या हुआ था, ये सवाल कई लोगों के मन में आता है ऐसे में इसका जवाब साफ तौर पर ग्रथों कहानियों में बताया गया है।
biggest question of the Ramayana did the Vanara army go after the war
Vanar sena (Source. Pinterest)
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Sugriv Hanuman Ramayan: राम और रावण के बीच युद्ध समाप्त होते ही श्रीराम को अपने भाई भरत की याद आने लगती है। वह जल्द से जल्द अयोध्या लौटने के बारे में सोचने लगते हैं।

"एतत् पश्य यथा क्षिप्रं प्रतिगच्छाम ताम् पुरीम् |

अयोध्याम् गच्छतो ह्येष पन्थाह् परमदुर्गमः || 6-121-7"

अर्थात, अयोध्या तक जल्दी पहुँचना इस कठिन मार्ग से आसान नहीं है।

विभीषण ने दिया पुष्पक विमान का सुझाव

तभी विभीषण श्रीराम को पुष्पक विमान का उपयोग करने की सलाह देते हैं।

"तदिदं मेघसंकाशं विमानमिह तिष्ठति |

येन यास्यसि यानेन त्वमयोध्यां गतज्वरः || 6-121-11"

यानि बादल के समान दिखने वाला यह विमान आपको बिना कष्ट के जल्दी अयोध्या पहुँचा सकता है।

वानर सेना की इच्छा: देखना चाहते थे राम का राज्याभिषेक

युद्ध के बाद सुग्रीव और वानर सेना श्रीराम से निवेदन करती है कि वे उनका राज्याभिषेक देखना चाहते हैं।

"दृष्ट्वा त्वामभिषेकार्द्रं कौसल्यामभिवाद्य च || 6-122-20

अचिरादागमिष्यामः स्वगृहान्नृपसत्तम |"

अर्थात, "हे श्रेष्ठ राजा! आपके राज्याभिषेक के बाद हम अपने-अपने घर लौट जाएंगे।"

सभी वानर और विभीषण पुष्पक विमान से अयोध्या पहुंचे

श्रीराम उनके इस अनुरोध को स्वीकार कर लेते हैं और सभी को पुष्पक विमान से अयोध्या चलने के लिए आमंत्रित करते हैं।

"ततह् स पुष्पकं दिव्यं सुग्रीवः सह वानरैः ||-122-24

आरुरोह मुदा युक्तः समात्यश्च विभीषणः |"

यानि सुग्रीव, वानर और विभीषण अपने मंत्रियों के साथ खुशी-खुशी उस दिव्य विमान में सवार हो जाते हैं।

अयोध्या में हुआ भव्य राज्याभिषेक

अयोध्या पहुँचने के बाद श्रीराम का भव्य राज्याभिषेक होता है। इस अवसर पर सभी वानर, सुग्रीव और विभीषण को सम्मानित किया जाता है और उन्हें बहुमूल्य उपहार दिए जाते हैं।

सम्मान के बाद वानर सेना लौटी अपने राज्य

राज्याभिषेक के बाद श्रीराम सभी का आदर-सम्मान करते हैं।

"विभीषणोऽथ सुग्रीवो हनुमान् जाम्बवांस्तथा || 6-128-86

सर्ववानरवृद्धाश्च रामेणाक्लिष्टकर्मणा |

यथार्हं पूजिताः सर्वे कामै रत्नैश्च पुष्कलैर् || 6-128-87

प्रहृष्टमनसः सर्वे जग्मुरेव यथागतम् |

नत्वा सर्वे महात्मानस्ततस्ते वानरर्षभाः || 6-128-88

विसृष्टाः पार्थिवेन्द्रेण किष्किन्धां समुपागमन्"

यानि श्रीराम ने सभी वानरों को उनकी इच्छा अनुसार उपहार देकर सम्मानित किया। इसके बाद सभी वानर प्रसन्न होकर उन्हें प्रणाम कर अपने-अपने स्थान, विशेष रूप से किष्किंधा, लौट गए।

आखिर वानर सेना कहाँ गई?

रामायण के अनुसार, युद्ध के बाद वानर सेना अयोध्या गई, श्रीराम का राज्याभिषेक देखा और सम्मान प्राप्त करने के बाद वापस अपने-अपने राज्यों मुख्य रूप से किष्किंधा और कुछ लंका लौट गई।

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