
Ganesh Ji Bhog: गणेश चतुर्थी पर बप्पा को प्रसन्न करने के लिए हर भक्त संभवत: प्रयास करता है। उन्हें तरह-तरह के पकवान और मिठाइयों का भोग लगाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ चीजें भगवान गणेश को विशेष रूप से प्रिय होती हैं। मोदक से लेकर लड्डू और खीर तक, इन भोग को श्रद्धा के साथ गणेशजी को अर्पित करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
गणपति बप्पा के भोग की बात हो और मोदक का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। मोदक को भगवान गणेश का सबसे प्रिय भोग माना जाता है। गणेश चतुर्थी पर खासतौर पर उकडीचे मोदक, नारियल-गुड़ के मोदक या दूसरे तरह के मोदक बनाकर बप्पा को अर्पित किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता में मोदक को ज्ञान और आनंद का प्रतीक भी माना जाता है।
गणेश जी को मोतीचूर के लड्डू भी बेहद प्रिय माने जाते हैं। गणेशोत्सव के दौरान कई घरों में मोदक के साथ लड्डू का भोग भी लगाया जाता है। मान्यता है कि बप्पा को लड्डू अर्पित करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
दूध, चावल और चीनी से तैयार की गई खीर को भी गणपति के भोग में शामिल किया जाता है। खीर को गणेश जी को अर्पित करने के बाद इसे प्रसाद के रूप में परिवार के सदस्यों में बांट देना चाहिए।
फलों में केला भगवान गणेश को अर्पित किए जाने वाले प्रमुख भोगों में शामिल है। पूजा की थाली में केले के साथ दूसरे मौसमी फल भी रखे जा सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं में इसे शुभ और सात्त्विक प्रसाद माना जाता है।
गणेश पूजा में नारियल का भी विशेष महत्व बताया गया है। इसे शुभता और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। बप्पा को नारियल अर्पित करने के बाद इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है।
भोग के अलावा गणपति पूजा में दूर्वा और लाल फूल, खासकर लाल गुड़हल अर्पित करने की परंपरा भी है। कुछ मान्यताओं में गुड़ और चावल को भी गणेश जी के प्रिय भोगों में गिना गया है।