Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

निर्जला एकादशी पर भद्रा का साया, क्या होगा इसका असर, भूल से भी न करें ये गलतियां

निर्जला एकादशी को साल की सबसे बड़ी और सबसे कठिन एकादशी माना जाता है। वहीं, इस पावन पर्व के दिन अशुभ भद्रा का साया भी मंडरा रहा है। आइए जानते हैं, भद्रा कब से कब तक है और इस दिन किन कार्यों को नहीं करना चाहिए?

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Jun 06, 2025 | 11:17 AM

निर्जला एकादशी (सौ.सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

आज 6 जून 2025 को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। भगवान विष्णु को समर्पित इस एकादशी को साल की सबसे बड़ी और सबसे कठिन एकादशी मानी जाती है। इस दिन संयम, श्रद्धा और सेवा से किए गए व्रत का बड़ा महत्व है, जिससे जीवन में शुभता और समृद्धि आती है।

वहीं, इस पावन पर्व के दिन अशुभ भद्रा का साया भी मंडरा रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं, भद्रा कब से कब तक है और इस दौरान किन कामों को करने से बचना चाहिए?

क्या है निर्जला एकादशी व्रत तिथि और पारण का शुभ समय

ज्योतिषयों के अनुसार, इस वर्ष निर्जला एकादशी तिथि का प्रारंभ 6 जून 2025 को प्रातः 2:15 बजे होगा और इसका समापन 7 जून 2025 को प्रातः 4:47 बजे होगा। पारण यानी व्रत तोड़ने का समय 7 जून को दोपहर में 1:44 बजे से 4:31 बजे तक है। वहीं, हरि वासर की समाप्ति 7 जून को सुबह 11:25 बजे होगी।

सम्बंधित ख़बरें

रिश्तों में क्यों आती है बार-बार दरार? कुंडली में शुक्र कमजोर तो नहीं? जानिए क्या हो सकते हैं इसके लक्षण

महाशिवरात्रि की पूजा सामग्री की लिस्ट नोट कीजिए, कुछ छूट न जाए

फरवरी में किस दिन है प्रदोष? जानिए प्रदोष व्रत और पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

शकुनि का बेटा कौन था? महाभारत की राजनीति के पीछे छिपी एक अनसुनी कहानी

इस बार निर्जला एकादशी पर भद्रा का अशुभ साया

आपको बता दें, पंचांग के अनुसार, इस निर्जला एकादशी पर भद्रा का अशुभ प्रभाव पड़ रहा है। पंचांग के अनुसार, इस दिन यानी 6 जून को भद्रा काल दोपहर 3:31 PM बजे से लेकर 7 जून सुबह 4:47 PM बजे तक तक है।

यह भी पढ़ें-निर्जला एकादशी के दिन बाल धोएं या नहीं, इसका आपके धन से क्या है संबंध, जानिए

आपको बात दें कि भद्रा काल को हिंदू धर्म में शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है। इस समय में पूजा-पाठ, दान या कोई नया काम आरंभ करने से बचना चाहिए।

इस दिन भूलकर भी न करें ये काम

न करें जल सेवन

निर्जला एकादशी का व्रत पूरी तरह निर्जल होता है। व्रती जल भी ग्रहण नहीं करते। इस कठिन व्रत का पालन नियमपूर्वक करना चाहिए।

झूठ बोलने से बचें

इस दिन व्रती समेत सभी लोगों को झूठ बोलना, छल-कपट करना और दूसरों को धोखा देना पाप माना जाता है। इससे व्रत का पुण्य नष्ट हो सकता है।

क्रोध और कलह से बचें

एकादशी तिथि आत्म-शुद्धि और शांति का दिन होता है। इस दिन घर में शांति बनाए रखें। क्रोध, विवाद या अपशब्दों का उपयोग व्रत के पुण्य को कम कर सकता है।

तामसिक या कांटे वाले भोजन न करें

जैसे कटहल, करेला, कंटोला खाने से बचें, यहां तक कि जो लोग व्रत नहीं कर रहे हों तो भी उन्हें सात्विक आहार लेना चाहिए।

 

Bhadras shadow on nirjala ekadashi what will be its effect

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jun 06, 2025 | 04:00 AM

Topics:  

  • Ekadashi Fast
  • Lord Vishnu
  • Religion

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.