आज नाग पंचमी पर इन वस्तुओं से करें शिव का रुद्राभिषेक, जीवन में होने लगेंगे चमत्कार

नाग पंचमी के दिन सर्पों की पूजा का खास महत्व है। इस दिन कालसर्प दोष से बचने के लिए विशेष पूजा भी की जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि इस दिन नाग पूजन के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया जाए तो इससे शुभ फल प्राप्त होता है।
Rudrabhishek on Nag Panchami
(सौजन्य सोशल मीडिया)
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हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को 'नाग पंचमी' (Nag Panchami 2024) का पावन पर्व मनाया जाता है, जो हिंदू श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान भोलेनाथ के गले का श्रृंगार कहे जाने वाले नाग देवता भगवान शिव को अति प्रिय है। ऐसे में इस दिन भगवान शिव के साथ-साथ नाग देवता का पूजन करना बहुत ही शुभ माना गया है।

नाग पंचमी के दिन सर्पों की पूजा करने के साथ उन्हें दूध भी पिलाया जाता है। इस दिन कालसर्प दोष से बचने के लिए विशेष पूजा आदि भी की जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया जाए तो यह श्रद्धालुओं के लिए बहुत ही शुभ फलदायी माना जाता है। ऐसे में आइए जानें रुद्राभिषेक में किन चीजों को शामिल करने लाभ मिलता है।

इन चीजों से करें रुद्राभिषेक

1- ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, यदि किसी कार्य को करने में बार-बार बाधा उत्पन्न हो रही है तो नाग पंचमी के दिन भगवान शिव का दही से अभिषेक करें। ऐसा करने से बाधाएं दूर होती हैं और कार्य में सफलता मिलती है।

2- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नाग पंचमी के दिन मोक्ष की प्राप्ति के लिए भगवान शिव का अभिषेक गंगाजल से करना चाहिए। ऐसा करने से नाग देवता के साथ भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा भक्तों पर सदैव बनी रहती है।

3- नाग पंचमी पर भगवान शिव का दूध से रुद्राभिषेक करने से घर में सुख शांति बनी रहती है साथ ही संतान की मनोकामना भी पूरी होती है। एक बात का ध्यान रखें कि भगवान शिव का अभिषेक हमेशा गाय के कच्चे दूध से ही करना चाहिए।

4- ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों को चिंता और तनाव के कारण नींद नहीं आने की समस्या बनी रहती है, उन लोगों को नाग पंचमी के दिन भोलेनाथ को इत्र अर्पित करना चाहिए। इत्र से शिवजी का अभिषेक भी कर सकते हैं। इस उपाय से लाभ मिलता है।

5- नाग पंचमी के दिन भगवान भोलेनाथ का शहद से अभिषेक करना भी बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि, शहद से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने से समाज में मान-सम्मान बढ़ता है और वाणी दोष भी खत्म होता है।

लेखिका- सीमा कुमारी

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