

Mahalakshmi Vrat First Day : आज, 19 सितंबर 2026 से 16 दिवसीय महाअनुष्ठान महालक्ष्मी व्रत की शुरुआत हो रही है। धर्म ग्रथों में यह व्रत मां लक्ष्मी की कृपा के लिए बहुत शुभ माना गया है। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत के पहले दिन किए गए विशेष ज्योतिष उपाय करने से घर में सुख -समृद्धि आती है और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता हैं।
यदि आप भी अपने जीवन से आर्थिक बाधाओं को दूर कर सुख-शांति का चाहते हैं, तो आइए जानते हैं महालक्ष्मी व्रत के पहले दिन कौन से खास काम करने चाहिए।
महालक्ष्मी व्रत के पहले दिन धन-समृद्धि की कामना के लिए घर के मुख्य द्वार पर ताजे आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाएं। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
महालक्ष्मी व्रत के पहले दिन मुख्य द्वार पर तोरण बांधने के अलावा, 15 गांठों वाला रक्षासूत्र बांधना भी शुभ माना जाता है। इस धागा बनाने के लिए सबसे पहले कच्चे सूती धागे को हल्दी या केसर के घोल में भिगोकर पीला कर लें। फिर इस धागे में 15 गांठें लगाएं।
पूजन के दौरान इस डोरे को देवी के चरणों में अर्पित करे और आरती के बाद पुरुष इसे दाहिने हाथ तथा महिलाएं बाएं हाथ की कलाई पर बांधें। मान्यता है कि, 15 गांठों वाला रक्षासूत्र बांधने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
धर्म शास्त्रों में मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए श्रीसूक्त अथवा कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना शुभ माना गया है। महालक्ष्मी व्रत के पहले दिन इन मंत्रों और स्तोत्रों का पाठ करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है। पूजन संपन्न होने के बाद एकाग्रचित्त होकर कनकधारा स्तोत्र या श्रीसूक्त का पाठ करें। यदि पाठ संभव न हो तो "ॐ श्रीं ह्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः" मंत्र की एक माला जाप करें।
मां लक्ष्मी को दूध और चावल से बने व्यंजन अत्यंत प्रिय हैं। पहले दिन के पूजन में गाय के दूध से बनी चावल की खीर का नैवेद्य लगाएं। इसके अतिरिक्त 15 मीठी पूड़ियों का भोग लगाकर उसे प्रसाद स्वरूप परिवार के सदस्यों में बांटें।