Shri Premanand Ji Maharaj (Source. Pinterest)
Shri Premanand Ji Maharaj Pravachan: आध्यात्मिक जगत के प्रसिद्ध संत Shri Premanand Ji Maharaj का यह संदेश आज हर उस व्यक्ति के लिए बेहद जरूरी है, जो जीवन की परेशानियों, गलतियों और मानसिक बोझ से जूझ रहा है। उनका कहना है कि अगर सच्चे दिल से प्रभु की शरण ली जाए, तो जीवन अपने आप सही दिशा में चलने लगता है।
महाराज जी कहते हैं, “मेरे पागलों, यदि इस माया रूपी संसार से तरना है, तो केवल प्रिया-लाल की मुस्कान और उनकी कृपा ही एकमात्र उपाय है” हम अक्सर अपनी गलतियों और पापों के बोझ से दब जाते हैं, लेकिन समाधान बहुत सरल है प्रभु से एक मासूम बच्चे की तरह बात करें। जैसे बच्चा अपनी मां से शिकायत करता है, वैसे ही प्रभु से कहें, “नाथ, जब मैं गंदा कर्म करने जा रहा था, तब आपने मुझे क्यों नहीं पकड़ा? मैं अज्ञानी हूँ, लेकिन आपका अंश हूँ” जब हम यह प्रेम और सच्चाई से कहते हैं, तो प्रभु हमारी हर बिगड़ी बात बना देते हैं। Shri Premanand Ji Maharaj
आज के समय में लोग भगवान को समझने के लिए तर्क और बुद्धि का सहारा लेते हैं, लेकिन महाराज जी बताते हैं कि यही सबसे बड़ी बाधा है। “भगवत प्राप्ति को लोग बहुत कठिन बताते हैं, लेकिन सच मानिए, इससे सरल कुछ भी नहीं है” राधा-राधा का नाम जप एक ऐसी डोर है, जो सीधे प्रभु से जोड़ती है। जैसे पतंग की डोर हाथ में हो, तो पतंग दूर नहीं जाती वैसे ही नाम जप से भगवान हमेशा पास रहते हैं।
महाराज जी बताते हैं कि भगवान अपने भक्तों को कभी अकेला नहीं छोड़ते। “यदि तुम मेरी तरफ एक कदम बढ़ाओगे, तो मैं तुम्हारी तरफ 20 कदम बढ़ाऊंगा” अगर आप असहाय भी हो जाएं, तो भी प्रभु खुद दौड़कर आपके पास आते हैं। वे हर समय अपने भक्त के साथ रहते हैं।
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सत्संग को एक ऐसी औषधि बताया गया है, जो मन को शुद्ध करती है। जब व्यक्ति अच्छे विचार सुनता है, तो संसार की व्यर्थ बातें उसे खराब लगने लगती हैं।
महाराज जी का सीधा संदेश है:
“बस ‘राधा-राधा‘ जपते रहें, प्रभु सदैव आपके साथ हैं और वे आपकी बिगड़ी बना देंगे”