आज है ‘मासिक शिवरात्रि’, इन कार्यों से करें परहेज़, विधिवत पूजा से मिलेगी मृत्युंजय महादेव की विशेष कृपा
भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए 'मासिक शिवरात्रि' का व्रत रखा जाता है। कहा जाता है कि इस दिन भोले भंडारी की विधि विधान से पूजा करने पर असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन कुछ गलतियों को करने से भगवान शिव अप्रसन्न हो सकते हैं। जानिए पूजा के नियम क्या होते है।
- Written By: दीपिका पाल
आज हैं मासिक शिवरात्रि 2024 (सौ.सोशल मीडिया)
देवाधिदेव महादेव को समर्पित ‘मासिक शिवरात्रि’ (Masik Shivratri 2024) इस बार 1 सितंबर रविवार को मनाई जाएगी। यह शिवरात्रि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए ‘मासिक शिवरात्रि’ का व्रत रखा जाता है। कहा जाता है कि इस दिन भोले भंडारी की विधि विधान से पूजा करने पर असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं।
इस व्रत को विवाहित महिलाएं एवं कुंवारी लड़कियां करती हैं। मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव संग मां पार्वती की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है।ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन कुछ गलतियों को करने से भगवान शिव अप्रसन्न हो सकते हैं। ऐसे में आइए जानें मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri 2024) के दिन किन कार्यों बचना चाहिए।
मासिक शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 1 सितंबर को देर रात 3 बजकर 40 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 2 सितंबर को सुबह 5 बजकर 21 मिनट पर होगा। मासिक शिवरात्रि पर निशा काल में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने का विधान है। ऐसे में 1 सितंबर को मासिक शिवरात्रि मनाई जाएगी।
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इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- मासिक शिवरात्रि के दिन घर और मंदिर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। इस दिन तामसिक भोजन जैसे प्याज, लहसुन के सेवन दूर रहें। कहते है, इस दिन मांस और मदिरा का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
- इसके अलावा, मासिक शिवरात्रि पर काले रंग के वस्त्र भी धारण न करें। क्योंकि, सनातन धर्म में काले रंग को अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से नकारात्मकता उत्पन्न हो सकती है, जिसकी वजह से परिवार में लड़ाई-झगड़े का सामना करना पड़ सकता है।
- इस दिन ब्रह्मचर्य के नियम का पालन करना चाहिए।
- कहते है, इस दिन पूजा के दौरान शिवलिंग पर सिंदूर और हल्दी अर्पित नहीं करनी चाहिए। माना जाता है कि शिवलिंग पर इन चीजों को चढ़ाने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। इसलिए ऐसी गलती भूलकर भी न करें।
- मासिक शिवरात्रि के दिन पंचामृत में तुलसी दल को शामिल न करें।
- ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, भगवान शिव की पूजा के दौरान शिवलिंग की कभी भी पूरी परिक्रमा नहीं लगानी चाहिए। परिक्रमा लगाते समय जिस जगह पर दूध बह रहा हो, वहां रुक कर वापस घूम कर परिक्रमा लगाएं।
- इस दिन व्रत के दौरान बुरे विचारों, बुरी संगति और बुरे शब्दों से दूर रहना चाहिए।
- इसके अलावा, इस दिन किसी का अपमान न करें और किसी से बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग न करें।
- मासिक शिवरात्रि व्रत के दौरान दाल, चावल और गेहूं का दान नहीं करना चाहिए।
लेखिका- सीमा कुमारी
