Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

महाभारत का सबसे बड़ा खलनायक, फिर भी यहां होती है पूजा! दुर्योधन का रहस्यमयी मंदिर जानकर चौंक जाएंगे

Mahabharat की कथा में हस्तिनापुर के महाराज धृतराष्ट्र और महारानी गांधारी के सौ पुत्रों में सबसे बड़े थे दुर्योधन। इतिहास और धर्मग्रंथों में दुर्योधन को इस महायुद्ध का सबसे बड़ा खलनायक माना गया है।

  • Written By: सिमरन सिंह
Updated On: Jan 29, 2026 | 05:51 PM

Duryodhana Temple (Source. Pinterest)

Follow Us
Close
Follow Us:

Duryodhana Temple: महाभारत की कथा में हस्तिनापुर के महाराज धृतराष्ट्र और महारानी गांधारी के सौ पुत्रों में सबसे बड़े थे दुर्योधन। इतिहास और धर्मग्रंथों में दुर्योधन को इस महायुद्ध का सबसे बड़ा खलनायक माना गया है। सत्ता की लालसा में उसने अधर्म का मार्ग अपनाया और पांडवों के प्रति द्वेष में कोई कसर नहीं छोड़ी। द्रौपदी चीरहरण से लेकर वनवास तक, दुर्योधन के कई निर्णय आज भी अधर्म की मिसाल माने जाते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसी दुर्योधन का एक मंदिर भारत में मौजूद है, जहां उसकी विधिवत पूजा होती है? यह तथ्य न केवल हैरान करता है, बल्कि महाभारत को देखने की हमारी सोच को भी चुनौती देता है।

केरल में स्थित है दुर्योधन का मंदिर

दुर्योधन का यह अनोखा मंदिर दक्षिण भारत के केरल राज्य के कोल्लम जिले में एक पहाड़ी पर स्थित है। स्थानीय लोगों की इस मंदिर के प्रति गहरी आस्था है। खास बात यह है कि इस मंदिर के आसपास लगभग 50 किलोमीटर के दायरे में कई ऐसे स्थान हैं, जहां 99 कौरवों, उनकी बहन दुशाला और मामा शकुनि का भी पूजन किया जाता है। यह परंपरा केरल की लोक-आस्थाओं और मान्यताओं से जुड़ी हुई है।

सम्बंधित ख़बरें

कब है रामनवमी 2026? तिथि को लेकर कंफ्यूज़न? यहां जानिए सटीक तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त

Chaitra Navratri में भूल से भी न करें ये काम, वरना पड़ेगा बहुत भारी! जानिए क्या करें और क्या नहीं?

Hindu New Year पर करें ये 7 काम, पूरे साल बने रहेंगे शुभ-लाभ के योग

Hindu New Year 2026 के राजा होंगे बृहस्पति और मंत्री मंगल ग्रह, जानिए क्या होगा इसका आपके जीवन पर प्रभाव

लोककथा से जुड़ा है मंदिर का इतिहास

एक प्रसिद्ध लोककथा के अनुसार, महाभारत काल में जब पांडव अज्ञातवास में थे, तब दुर्योधन उन्हें खोजते हुए केरल के घने जंगलों तक पहुंच गया। इसी दौरान वह कोल्लम जिले के मलनाडा गांव में रुका। यहां के एक आदिवासी मुखिया ने उसकी पूरी निष्ठा से सेवा की, उसे भोजन कराया और विश्राम की व्यवस्था की।

आदिवासी मुखिया के सेवाभाव से दुर्योधन अत्यंत प्रसन्न हुआ और उसने गांव को जमीन दान में दी। बाद में उसी स्मृति में यहां दुर्योधन का मंदिर बनाया गया, जिसे आज मलनाडा मंदिर के नाम से जाना जाता है। स्थानीय लोग दुर्योधन को एक दयालु और न्यायप्रिय व्यक्ति के रूप में पूजते हैं और स्नेह से उसे “अप्पूपा” यानी दादाजी कहते हैं।

ये भी पढ़े: हनुमान से भी ताकतवर था रामायण का यह योद्धा, जिसे रोकने में राम की सेना भी हुई थी परेशान

बिना मूर्ति का मंदिर, फिर भी गहरी आस्था

इस मंदिर की सबसे अनोखी बात यह है कि यहां दुर्योधन की कोई मूर्ति नहीं है। मंदिर में केवल एक चबूतरा है, जहां श्रद्धालु ध्यान और पूजा करते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब दुर्योधन इस गांव से गया था, वह दिन शुक्रवार था। उसने कहा था कि वह अगले शुक्रवार को लौटेगा, लेकिन वह कभी वापस नहीं आया। मान्यता है कि उसकी आत्मा यहां लौटी, जिसके बाद गांव वालों ने उसका अंतिम संस्कार किया। इसी कारण हर शुक्रवार को यहां विशेष पूजा होती है और बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं।

Astonished to learn about duryodhanas mysterious temple

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 29, 2026 | 05:51 PM

Topics:  

  • Mahabharat
  • Religion News
  • Spiritual

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.