विष्णु जी को भोग लगाते समय भूलकर भी न छोड़ें ये एक चीज, वरना नहीं मिलेगा व्रत का फल!

Ekadashi Rules: भगवान विष्णु की पूजा और भोग के कुछ विशेष नियम होते हैं। शास्त्रों के अनुसार, विष्णु जी के भोग में एक विशेष चीज़ का होना अनिवार्य है, जिसके बिना वह भोग स्वीकार नहीं करते।
Vijaya Ekadashi Bhog
भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी (सौ.सोशल मीडिया)
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Vijaya Ekadashi Bhog: पंचांग के अनुसार, हर महीने एकादशी दो बार पड़ती है। इस बार फरवरी महीने में पड़ने वाली पहली एकादशी यानी विजया एकादशी 13 फरवरी, कल है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ ही माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें। इसके साथ ही विजया एकादशी के दिन नारायण को ये चीजें भी अर्पित करें।

ऐसा करने से विष्णु जी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। तो आइए जानते हैं विजया एकादशी के दिन क्या-क्या चीजें भगवान विष्णु को चढ़ाएं।

विजया एकादशी पूजा का शुभ मुहूर्त

ज्योतिषयों के अनुसार, इस वर्ष, विजया एकादशी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 26 मिनट से लेकर 9 बजकर 15 तक पूजा का मुहूर्त रहेगा। बता दें कि एकादशी की पूजा बिना पारण के कभी भी पूरी नहीं होती है। इस व्रत का पारण अगले दिन यानी 14 फरवरी को होगा।

भगवान विष्णु को किन चीजों का भोग लगाना फलदायी

  • पंचामृत का भोग

भगवान विष्णु को पंचामृत अत्यंत प्रिय है। दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल या चीनी के मिश्रण से बना पंचामृत भगवान को अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं और इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और बरकत आती है।

  • तुलसी का भोग

भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है। तुलसी के बिना भगवान विष्णु की पूजा और भोग दोनों ही अधूरी मानी जाती है। तो श्री हरि को तुलसी दल जरूर चढ़ाएं।

  • सूखे मेवे का भोग

एकादशी के दिन भगवान विष्णु को सूखे मेवे जरूर चढ़ाएं। सूखे मेवे में बादाम, मूंगफली, अखरोट, काजू और पिस्ता आदि चीजें आती हैं।

  • फल का भोग

विजया एकादशी के दिन श्री हरि विष्णु जी को मौसमी फलों का भोग लगाएं। फल में केला को जरूर रखें। फल का भोग लगाने से सौभाग्य में वृद्धि होती है।

  • मखाने की खीर

एकादशी के दिन विष्णु जी को मखाने की खीर का भोग लगाएं। मखाने की खीर भगवान विष्णु को अति प्रिय है।

  • फूल

विजया एकादशी के भगवान विष्णु को कमल, गुलाब, गेंदा के फूल और माला चढ़ाएं। इसके अलावा चंपा, चमेली, पारिजात (हरसिंगार), मालती, कनेर के फूल भी अर्पित कर सकते हैं।

  • पीला वस्त्र

एकादशी के दिन भगवान विष्णु को पीले रंग के वस्त्र चढ़ाएं। पीला रंग नारायण को अति प्रिय है। इसके अलावा चौकी पर पीले रंग के कपड़े बिछाक हीर भगवान विष्णु की मूर्ति और तस्वीर रखें। फिर पूजा आरंभ करें।

विजया एकादशी व्रत का क्या है खास महत्व

हिन्दू धर्म में एकादशी का व्रत बहुत ही मायने रखता है। वहीं विजया एकादशी का व्रत जरूर रखना चाहिए। इस व्रत का महत्व इसलिए होता है क्योंकि ये फाल्गुन के महीने में आती है। इस व्रत का संबंध भगवान राम से भी है।

दरअसल भगवान राम ने लंकापति रावण का वध करने से पहले इस व्रत को रखा था। यही वजह है कि इस एकादशी को विजया एकादशी के नाम से जाता है। मान्यता है कि इस व्रत के जरिए हमारे सारे पाप खत्म हो जाते हैं।

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