Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

आज है गुड़ी पड़वा, जानिए आखिर क्यों मनाया जाता है यह त्यौहार

Gudi Padwa: गुड़ी पड़वा महाराष्ट्र का एक प्रमुख हिंदू त्यौहार है। यह पर्व नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है और विशेष रूप से मराठी समाज में इसे बहुत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Mar 19, 2026 | 04:14 PM

गुड़ी पड़वा(सौ.सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Gudi Padwa Importance: आज 19 मार्च को हिंदू नववर्ष की शुरुआत के साथ गुड़ी पड़वा का पावन पर्व बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व हर साल चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है और गुड़ी पड़वा के साथ ही नव वर्ष की शुरुआत मानी जाती है, वहीं इस दिन से ही चैत्र नवरात्रि की भी शुरुआत हो जाती है।

गुड़ी पड़वा- मराठियों का नववर्ष

गुड़ी पड़वा मराठियों का नववर्ष कहा जाता है। यह पर्व गोवा, महाराष्ट्र सहित समूचे दक्षिण भारत में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दिन घरों को फूलों और रंगोली से सजाया जाता है। घरों के आगे एक गुड़ी ध्वज लगाए जानें की परंपरा है।

यह त्योहार नई शुरुआत, खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग घरों में गुड़ी स्थापित करते हैं, पूजा करते हैं और परिवार के साथ खास पकवान बनाते हैं। गुड़ी पड़वा पर पारंपरिक मिठाइयों और नमकीन व्यंजनों की खास जगह होती है। खासतौर पर पूरन पोली को इस त्योहार की पहचान माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं गुड़ी पड़वा से जुड़ी पौराणिक कथा के बारे में।

सम्बंधित ख़बरें

माँ के गर्भ में बच्चा भगवान से क्या करता है वादा, जन्म के साथ भूल जाता है सब? प्रेमानंद जी महाराज ने बताया सच

सिर्फ रावण ही नहीं, अर्जुन ने भी की थी मां दुर्गा की पूजा, रामायण से महाभारत तक नवरात्रि का क्या है महत्व?

दुर्योधन ने क्यों ठुकराया शांति प्रस्ताव, सिर्फ एक जिद ने करवा दिया महाभारत युद्ध

पाकिस्तान के कराची में गुड़ी पड़वा, पाकिस्तानी मराठी परिवार की फोटो हुई वायरल

गुड़ी पड़वा का क्या है महत्व

गुड़ी पड़वा सिर्फ नए साल की शुरुआत का प्रतीक नहीं, बल्कि यह दिन कई ऐतिहासिक और धार्मिक घटनाओं से जुड़ा हुआ है। गुड़ी पड़वा को उगादि हिंदू मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्मा जी ने इसी दिन सृष्टि की रचना की थी। इसलिए इस दिन भगवान ब्रह्मा और विष्णु की विशेष पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन ब्रह्मा जी और विष्णु जी की पूजा करने से जातकों को विशेष लाभ मिलता है और जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं।

गुड़ी पड़वा का सम्बन्ध रामायण काल

गुड़ी पड़वा की पौराणिक कथा गुड़ी पड़वा से जुड़ी एक बहुत ही प्रसिद्ध कथा रामायण काल से जुड़ी हुई है। पौराणिक कथा के अनुसार, त्रेतायुग में किष्किंधा नामक राज्य पर बाली नामक राजा का शासन था, जो अपने भाई सुग्रीव को परेशान करता था।

जब भगवान श्रीराम माता सीता को रावण के चंगुल से छुड़ाने जा रहे थे, तब उनकी मुलाकात सुग्रीव से हुई। सुग्रीव ने श्रीराम को अपने कष्ट बताए और मदद मांगी। श्रीराम ने बाली का वध कर सुग्रीव को न्याय दिलाया और उसका खोया हुआ राज्य वापस लौटाया।

बताया जाता है कि, यह घटना चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन हुई थी, इसलिए इस दिन को विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। बता दें कि इस दिन से ही हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी होती है।

कैसे मनाया जाता है गुड़ी पड़वा?

जानकारों के अनुसार, गुड़ी पड़वा मराठी समुदाय का नववर्ष होता है। इस दिन मराठी समुदाय के लोग अपने घरों की साफ-सफाई कर उसे सजाते हैं। दरवाजों पर आम और अशोक के पत्तों का तोरण बांधते हैं और रंगोली बनाई जाती है।

घर के आंगन में एक लंबा बांस लगाया जाता है, जिसके ऊपर पीले या लाल रंग का रेशमी कपड़ा बांधकर गुड़ी तैयार की जाती है। इस पर नीम की पत्तियां, फूल और एक उल्टा रखा हुआ कलश भी लगाया जाता है।

इसे विजय ध्वज माना जाता है और घरों के आगे ऊंचाई पर लगाया जाता है। इस दिन भगवान ब्रह्मा, विष्णु और दुर्गा माता की विशेष पूजा की जाती है।

यह भी पढ़ें-गुड़ी पड़वा का क्या है भगवान राम से संबंध? महाभारत काल और सृष्टिकर्ता ब्रह्मा से भी नाता

इस दिन लोग सुंदरकांड, रामरक्षा स्रोत और देवी भगवती के मंत्रों का जाप करते हैं। इसके अलावा सूर्यदेव की आराधना भी इस दिन महत्वपूर्ण मानी जाती है। गुड़ी पड़वा के दिन नीम की कोपल को गुड़ और काली मिर्च के साथ खाने की परंपरा भी है। ऐसा करने से शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और स्वास्थ्य अच्छा रहता है।

पारंपरिक भोजन और व्यंजन

गुड़ी पड़वा के दिन कई तरह के पारंपरिक पाक पकवान बनाए जाते हैं। महाराष्ट्र में इस दिन पूरन पोली, श्रीखंड और मीठे चावल (शक्कर-भात) बनाए जाते हैं। दक्षिण भारत में उगादि पचड़ी बना

Aaj hai gudi padwa know why this festival is celebrated

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 19, 2026 | 04:14 PM

Topics:  

  • Dharma
  • Gudi Padwa
  • Religion News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.