Ekadashi Vrat: 24 एकादशियों में ये 5 मानी जाती हैं बेहद खास, एक व्रत से मिलता है सालभर का पुण्य

Ekadashi List: सालभर में आने वाली कुछ एकादशियां बेहद खास मानी जाती हैं। जानें वे 5 प्रमुख एकादशियां कौन-सी हैं, जिनका व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करने से सालभर के पुण्य का फल मिलता है।
Ekadashi Vrat Ke Fayde
भगवान विष्णु (सौ.AI)
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Ekadashi Vrat Ke Fayde: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। हर महीने दो बार मनाए जाने वाली इस तिथि का न केवल धार्मिक महत्व है बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी बेहतर होता है। साथ ही भगवान विष्णु जब प्रसन्न होते हैं तो आपको मनवांछित फल भी मिलता है और सभी पापों का नाश भी होता है।

वैसे तो साल भर में कुल 24 एकादशी पड़ती है। यह हर महीने के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को आती है। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना की जाती है. विधि विधान से भगवान विष्णु की उपासना करने से वे प्रसन्न होते है।

बताया जाता है कि जिस साल अधिकमास लगता है। उस साल 26 एकादशी व्रत हो जाते है। इसमें निर्जला एकादशी सबसे कठिन मानी जाती है। धर्म शास्त्रों में निर्जला व्रत करने वाले भक्तों को भगवान विष्णु का विशेष आशीर्वाद मिलता है।

हिंदू धर्म शास्त्रों में 5 एकादशियों को सर्वश्रेष्ठ महत्व बताया गया है-

निर्जला एकादशी

निर्जला एकादशी ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष को मनाई जाती है। इसमें जल यानी पानी पीने की मनाही होती है। धार्मिक मान्‍यता है कि, कोई अगर पूरे साल एक भी एकादशी का व्रत नहीं कर पाता है और सिर्फ निर्जला एकादशी का व्रत कर ले तो सभी एकादशियों का फल मिल जाता है। इसलिए इस एकादशी को अन्य चार एकादशियों से सर्वश्रेष्ठ महत्व बताया गया है।

देवउठनी एकादशी

कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवोत्थानी या देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने के शयन के बाद जागते है। इसीलिए इसे देवउठनी एकादशी कहते है। हिंदू परंपरा में इस दिन से मांगलिक कार्य शुरू हो जाते है।

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उत्पन्ना एकादशी

मार्गशीर्ष माह की पहली एकादशी को उत्पन्ना एकादशी मनाई जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को भक्तिपूर्वक करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

षटतिला एकादशी

माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी मनाई जाती है। इस व्रत में भगवान विष्णु को तिल का भोग लगाने का विधान बताया गया है।

आमलकी एकादशी

आमलकी एकादशी हर साल फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष को मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु मां लक्ष्मी के साथ आंवले के वृक्ष पर वास करते है। इस कारण इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा और परिक्रमा की जाती है।

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भगवान विष्णु को कैसे करें प्रसन्न?

भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए नियमित रूप से सुबह स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें, उनके सामने घी का दीपक जलाएं, तुलसी दल अर्पित करें और "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का 108 बार जाप करें। एकादशी का व्रत रखना और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है।

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