
कथावाचक प्रेम बाईसा।
Prem Baisa Death Case : सुरीली आवाज और आध्यात्मिक ज्ञान से हजारों अनुयायियों का दिल जीतने वाली साध्वी प्रेम बाईसा हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन उनकी मौत अपने पीछे ऐसे सवाल छोड़ गई है, जिनका जवाब राजस्थान पुलिस के पास फिलहाल नहीं है। बुधवार शाम जब उनके पिता उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कहानी यहीं खत्म नहीं हुई, बल्कि असली विवाद तो उनकी मौत के कुछ घंटों बाद शुरू हुआ।
साध्वी की मौत के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट साझा किया गया, जिसने सनसनी फैला दी। पोस्ट में लिखा था-मैंने हर क्षण सनातन के लिए जिया। मैंने अग्नि परीक्षा के लिए संतों को पत्र लिखा पर प्रकृति को कुछ और मंजूर था। अलविदा दुनिया! ईश्वर और संतों पर भरोसा है। मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा। यह सवाल उठना लाजिमी है कि साध्वी की मौत अस्पताल में हुई तो उनके निधन के बाद यह पोस्ट किसने और क्यों किया? क्या यह कोई इशारा था कि वे किसी दबाव या अग्नि परीक्षा से गुजर रही थीं?
साध्वी के पिता ब्रह्मनाथ का कहना है कि उनकी मौत गलत इंजेक्शन की वजह से हुई। दूसरी ओर उनके समर्थकों ने जोधपुर के पाल रोड स्थित साधना कुटीर आश्रम को घेर लिया। समर्थकों का आरोप है कि साध्वी और उनके पिता के बीच रिश्ते सामान्य नहीं थे। हनुमान बेनीवाल समेत कई नेताओं ने अब पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है, ताकि सच सामने आ सके।
यह भी पढ़ें : अस्पताल से शव लेकर आश्रम गए पिता…मौत के बाद इंस्टाग्राम पोस्ट, क्यों मिस्ट्री बनी साध्वी प्रेम बाईसा की मौत?
बालोतरा के साधारण ट्रक ड्राइवर की बेटी प्रेम बाईसा ने अध्यात्म की दुनिया में अलग पहचान बनाई थी। बाबा रामदेव जैसे बड़े संतों की मौजूदगी में उन्होंने अपने आश्रम का श्रीगणेश किया था। कुछ महीनों से विवादों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। अपने पैतृक गांव परेऊ में परिजनों के साथ उनका जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। 6 महीने पहले पिता के साथ उनके एक वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियां की गई थीं, जिससे वे आहत थीं।
क्या साध्वी प्रेम बाईसा किसी साजिश का शिकार हुईं या फिर उनके ही किसी करीबी ने उन्हें मौत के मुहाने तक धकेला? इंस्टाग्राम पर लिखा गया वह न्याय आखिर किससे मांगा गया है? ये वो सवाल हैं, जिनके जवाब अब राजस्थान पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छिपे हैं।






