इन लोगों ने किया लाखों छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़! पेपर लीक में कुमार विश्वास की पत्नी का भी नाम

RPSC Paper Leak Case: राजस्थान हाईकोर्ट ने सब इंस्पेक्टर भर्ती 2021 को रद्द कर दिया है, जिसमें बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ था। कोर्ट ने छह पदाधिकारियों पर भी सख्त टिप्पणी की है।
Rajasthan Paper Leak
इन 6 लोगों ने किया लाखों छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़! (Image- Social Media)
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Rajsthan News: राजस्थान में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई एसआई भर्ती 2021 को राजस्थान हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। इस भर्ती में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा किया गया था। भर्ती का आयोजन करने वाली एजेंसी आरपीएससी से ही पेपर लीक करवाए गए। माफियाओं तक पेपर पहुंचे और इसके बाद उन्होंने सैकड़ों अभ्यर्थियों को सॉल्वड पेपर बेचे।

इस दौरान बड़े स्तर पर डमी अभ्यर्थी भी भर्ती परीक्षा में बैठे। राजस्थान हाईकोर्ट ने इस भर्ती को रद्द कर दिया औऱ आदेश जारी करते समय राजस्थान लोकसेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष सहित 6 पदाधिकारियों पर भी तल्ख टिप्पणी की। इस दौरान जस्टिस समीर जैन ने कहा कि घर के भेदियों ने ही लंका ढहा दी क्योंकि आरपीएससी के सदस्यों ने ही पेपर बेचा।

कोर्ट ने इन 6 पदाधिकारियों की कार्यशैली पर प्रसंज्ञान लिया

  • संजय श्रोत्रिय राजस्थान लोकसेवा आयोग के पूर्व चेयरमैन
  • बाबूलाल कटारा आरपीएससी के सदस्य
  • आरपीएससी के पूर्व सदस्य रामूराम राईका
  • आयोग की सदस्य संगीता आर्य
  • कुमार विश्वास की पत्नी और आपीएससी सदस्य मंजू शर्मा
  • दिवंगत डॉ. जसवंत राठी से भी मिले थे राईका

13 से 15 सितंबर 2021 को आयोजित हुई थी परीक्षा

बता दें कि, राजस्थान लोक सेवा आयोग ने सब इंसपेक्टर और प्लाटून कमांडर के कुल 859 पदों के लिए सितंबर 2021 में भर्ती निकाली थी। जिसके बाद 13 से 15 सितंबर 2021 को परीक्षा आयोजित की गई थी। जिसके बाद खबर आई कि परिक्षा का पेपर लीक हसनपुरा में शांति नगर स्थित रवींद्र बाल भारती सीनियर सेकंडरी स्कूल से हुआ था। इस मामले में स्कूल के प्रिंसिपल और एग्जाम सेंटर के अधीक्षक राजेश खंडेलवाल की मुख्य भूमिका सामने आई थी।

अब तक 122 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं

बता दें कि, एसआई भर्ती 2021 की परीक्षा के बाद चुने गए 54 ट्रेनिंग थानेदारों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं इस मामले में राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन के दो सदस्यों समेत अब तक 122 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

कोर्ट का आदेश

न्यायमूर्ति समीर जैन ने कहा, ‘यह कोई साधारण मामला नहीं है।’ उन्होंने कहा कि इस मामले में कोचिंग संस्थानों, परीक्षा केंद्रों और राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के सदस्यों के बीच मिलीभगत के गंभीर आरोप शामिल हैं। साथ ही कहा है कि, कानून व्यवस्था संभालने के लिए गलत तरीके से चयनित हुए लोगों को नौकरी नहीं करने दे सकते। इसी के साथ ही कोर्ट ने जुलाई महीने में निकली भर्ती में यह सभी पद जोड़कर दोबारा परीक्षा करने का आदेश दिया है'।

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