CM Bhajanlal Sharma Rising Rajasthan 2026: राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के जरिए राजस्थान खुद को देश के सबसे बड़े निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की कवायद तेज कर दी है।
सरकार का दावा है कि समिट के तहत हुए एमओयू अब उद्योगों और परियोजनाओं का रूप ले रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। निवेश, नई औद्योगिक नीतियों और तेज मंजूरी प्रक्रिया के दम पर राजस्थान मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में नई औद्योगिक पहचान बनाने की तैयारी कर रहा है। इनमें 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है।
राजस्थान और जापान के बीच वर्षों पुराने आर्थिक संबंध अब नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। राज्य में जापान की 180 कंपनियां कार्यरत हैं, जबकि जयपुर और जापान के कोफू सिटी के बीच ज्वैलरी उद्योग का मजबूत नेटवर्क विकसित हुआ है।
जयपुर की करीब 60 कंपनियां कोफू सिटी में रत्न एवं आभूषण कारोबार से जुड़ी हैं। सरकार दोनों देशों के बीच उद्योग, निवेश और जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर के विस्तार के लिए विशेष रोडमैप पर काम कर रही है।
विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार ने विशेष जापानी जोन विकसित किए हैं, जहां निवेशकों को आधुनिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
पानी, बिजली, सड़क और औद्योगिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ कारोबार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि उद्योगों को बेहतर कारोबारी माहौल मिल सके।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) औद्योगिक विकास को गति देने में अहम भूमिका निभा रहा है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही पूरी होने से पहले ही RIICO ने 2,800 करोड़ से अधिक मूल्य के 250 से ज्यादा वित्तीय और प्रशासनिक अनुमोदन जारी किए हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में निर्बाध बिजली, बेहतर सड़कें और आधुनिक अवसंरचना के विकास पर तेजी से काम किया जा रहा है।
राजस्थान में पर्यटन लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस वर्ष जून तक राज्य में 10.85 करोड़ घरेलू और 8.45 लाख विदेशी पर्यटक पहुंचे हैं।
सरकार पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था, रोजगार और स्थानीय स्वरोजगार का प्रमुख चालक बनाने की दिशा में काम कर रही है।
इसी उद्देश्य से पर्यटन स्थलों के विकास और सुविधाओं के विस्तार के लिए 5,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का प्रावधान किया गया है।
राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत विनिर्माण, सेवा, निर्यात, कौशल विकास और हरित निवेश करने वाले उद्योगों को विभिन्न प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
25 करोड़ से अधिक निवेश करने वाले उद्यमों को परिसंपत्ति सृजन प्रोत्साहन, ब्याज सब्सिडी, बिजली शुल्क में छूट और हरित प्रोत्साहन जैसे लाभ मिलते हैं।
अगस्त 2026 में राज्य स्तरीय समिति ने 580 करोड़ रुपये के वास्तविक निवेश और 1,699 रोजगार सृजन से जुड़े छह से अधिक उद्यमों को मंजूरी देकर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण पेश किया।