राजस्थान में एक ही परिवार के 7 महिलाओं की मौत, अंतिम संस्कार से लौट रहा था परिवार, सड़क हादसे में गंवाई जान
Rajasthan Road Accident: राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर शेखावाटी में NH-52 पर हुए भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार की सात महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पूरा रघुनाथपुरा गांव शोक में डूबा है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
फतेहपुर शेखावाटी में भीषण हादसा, फोटो- सोशल मीडिया
Rajasthan Fatehpur Road Accident: राजस्थान के सीकर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां फतेहपुर शेखावाटी के पास NH-52 पर एक भीषण सड़क हादसे में एक ही घर की सात महिलाओं की जान चली गई।, अंतिम संस्कार से लौटते समय उनकी तेज रफ्तार कार पहले एक पिकअप और फिर सामने से आ रहे ट्रक से जा टकराई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फतेहपुर सदर थाना क्षेत्र के रघुनाथपुरा गांव का एक परिवार लक्ष्मणगढ़ में एक रिश्तेदार अंतिम संस्कार में शामिल होने गया था। शाम करीब चार बजे जब पूरा परिवार वापस लौट रहा था तब वे चार अलग-अलग गाड़ियों में सवार थे। पुरुषों के लिए तीन गाड़ियां थीं जबकि एक कार में परिवार की सात महिलाएं और चालक सवार थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि अपनों को विदाई देकर लौट रही इन महिलाओं के लिए यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।
लापरवाही और ओवरटेक: पल भर में उजड़ गया सुहाग और आंगन
यह भयावह दुर्घटना हरसावा गांव के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के अनुसार, कार चालक वसीम ने तेज रफ्तार में एक अन्य वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास किया।, इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से कार पहले बगल से गुजर रही एक पिकअप से टकराई और फिर अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे ट्रक के नीचे जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह से पिचक गई और महिलाएं अंदर ही बुरी तरह फंस गईं। हालांकि राहगीरों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक अधिकांश की मौत हो चुकी थी।
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इन सात महिलाओं की गई जान
इस हादसे ने रघुनाथपुरा गांव के एक ही परिवार की नींव हिला दी है। मरने वाली महिलाओं में परिवार की सबसे बुजुर्ग महिला मोहिनी देवी (80), उनकी पांच बहुएं- चंदा देवी (55), आशा देवी (60), संतोष देवी (45), तुलसी देवी (45), और बरखा देवी (35) और उनकी बेटी इंदिरा (60) शामिल हैं। बताया जा रहा है कि बरखा देवी की मौत जयपुर ले जाते समय रास्ते में हुई। इस दुर्घटना में कार चालक वसीम और एक युवती सोनू (35) गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
पूरे गांव में नहीं जला चूल्हा, मातम का माहौल
इस सामूहिक मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, वहां सन्नाटा पसर गया। रघुनाथपुरा गांव में स्थिति इतनी गमगीन है कि रात को किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला। परिवार के पुरुष सदस्य अब पूरी तरह अकेले पड़ गए हैं; किसी का पति विदेश में मजदूरी करता है, तो किसी का गांव में छोटी दुकान चलाता है। हादसे की सूचना मिलते ही कलेक्टर मुकुल शर्मा, एडीएम रतनलाल स्वामी और स्थानीय विधायक हाकम अली समेत कई नेता और अधिकारी अस्पताल पहुंचे और पीड़ितों को सांत्वना दी।
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खूनी हाईवे बना NH-52: प्रशासन और रफ्तार पर सवाल
यह पहली बार नहीं है जब NH-52 पर इस तरह का भीषण हादसा हुआ हो। ठीक दो साल पहले मकर संक्रांति के दिन ही नरोदड़ा बस स्टैंड के पास भी इसी हाईवे पर सात लोगों की जान गई थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की है। लगातार हो रहे ये हादसे हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था और तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने में प्रशासन की विफलता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
