आसाराम ने जोधपुर जेल में किया सरेंडर: हाई कोर्ट ने उम्रकैद की सजा बरकरार रखी, अंतरिम जमानत रद्द
Asaram Life Imprisonment Upheld: राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा दी उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को बड़ा झटका लगा है। हाल ही में उसकी अंतरिम जमानत रद्द कर दी गई।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
आसाराम (फाइल फोटो), सोर्स- सोशल मीडिया
Asaram Surrender Jodhpur Jail: राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा 2013 के नाबालिग बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा बरकरार रखने और अंतरिम जमानत रद्द करने के बाद स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम ने गुरुवार शाम जोधपुर सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण कर दिया है।
आसाराम ने गुरुवार शाम को जोधपुर सेंट्रल जेल के अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। यह कार्रवाई राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर पीठ द्वारा उनकी अंतरिम जमानत रद्द करने और 2013 के नाबालिग बलात्कार मामले में उसकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखने के एक दिन बाद हुई है।
जमानत रद्द होने के बाद हरिद्वार से जोधपुर पहुंचा
अदालत के फैसले के समय आसाराम उत्तराखंड के हरिद्वार में रह रहा थे, जहां वो अक्टूबर से अंतरिम जमानत पर बाहर था। बुधवार को हाई कोर्ट ने उसकी अपील खारिज करते हुए जमानत रद्द कर दी, जो पहले 7 जुलाई तक बढ़ाई गई थी।
गुरुवार को जोधपुर हवाई अड्डे पर पहुंचने पर उसके समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिन्हें उसने अपने वाहन के अंदर से ही आशीर्वाद दिया। जेल जाने से पहले उसने पाल गांव स्थित अपने आश्रम में समय बिताया और मेडिकल जांच के लिए एम्स भी गया।
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आसाराम को तगड़ा झटका, हाई कोर्ट ने बरकरार रखी उम्रकैद की सजा, तुरंत सरेंडर करने का आदेश
कोर्ट ने की थी कड़ी टिप्पणी
जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने अपना फैसला सुनाते हुए पीड़िता के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और अपराध के प्रभाव पर कड़ी टिप्पणियां कीं। कोर्ट ने कहा कि 15 अगस्त 2013 की रात, जब पूरा देश स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, तब एक बच्ची की गरिमा और मासूमियत उस व्यक्ति द्वारा छीन ली गई जिसे वह “भगवान” मानती थी। अदालत ने यह भी कहा कि धार्मिक गुरुओं के अनुयायी अक्सर बिना किसी सवाल के उनकी अंधविश्वासपूर्ण बातों को मान लेते हैं, जैसा कि इस मामले में हुआ।
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सजा बरकरार, कुछ आरोपों से बरी
हालांकि हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई उम्रकैद की सजा की पुष्टि की है लेकिन आसाराम को आईपीसी और पोक्सो अधिनियम के तहत सामूहिक बलात्कार के आरोपों से बरी कर दिया गया है। आसाराम के वकीलों का कहना है कि वे हाई कोर्ट के विस्तृत आदेश का अध्ययन कर रहे हैं और इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
