राणा बलाचोरिया, गैंगस्टर करण डिफॉल्टर
Kabaddi Promoter Murder Case: कबड्डी प्रमोटर राणा बलाचौरिया हत्याकांड में पंजाब पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस सनसनीखेज मामले में शामिल मुख्य शूटर और कुख्यात गैंगस्टर करण डिफॉल्टर को मोहाली पुलिस ने देर रात खरड़ इलाके में हुए एनकाउंटर में ढेर कर दिया। बताया जा रहा है कि यह गैंगस्टर बंबईहा गैंग से जुड़ा हुआ था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, करण डिफॉल्टर राणा बलाचौरिया हत्याकांड का मुख्य आरोपी था और लंबे समय से फरार चल रहा था। मोहाली पुलिस को उसके मूवमेंट की पुख्ता सूचना मिली, जिसके बाद एक स्पेशल टीम ने इलाके में घेराबंदी की। खुद को घिरा देख करण ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि मारा गया शूटर बंबईहा गैंग का सक्रिय सदस्य था और राणा बलाचौरिया की हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने में उसकी अहम भूमिका रही। गौरतलब है कि कबड्डी खिलाड़ी राणा बलाचौरिया की 15 दिसंबर को पंजाब के मोहाली में एक कबड्डी मैदान में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात की जिम्मेदारी कुख्यात डोनी बल गैंग ने ली थी, जिसके बाद यह मामला गैंगवार और संगठित अपराध से जुड़ा माना जा रहा था।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस हत्याकांड में शामिल तीन आरोपियों करण पाठक उर्फ करण डिफॉल्टर, सुखशेर पाल सिंह उर्फ आकाश और तरनदीप सिंह—को पहले कोलकाता से गिरफ्तार किया गया था। जांच के मुताबिक, आकाश ने हमलावरों के लिए टैक्सी की व्यवस्था की थी, जबकि तरनदीप सिंह मोटरसाइकिल चला रहा था। हत्या के बाद आरोपी मोटरसाइकिल से ही मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने बताया कि करण पाठक और आदित्य ने ही राणा बलाचौरिया पर गोलियां चलाई थीं, हालांकि दूसरा शूटर आदित्य अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने इससे पहले दो अलग-अलग कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान राणा बलाचौरिया की हत्या की कोशिश की थी, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए।
वारदात के बाद आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से फरारी अपनाई। वे पहले टैक्सी से पानीपत पहुंचे, फिर दूसरी टैक्सी लेकर दिल्ली गए और वहां से मुंबई, बेंगलुरु होते हुए कोलकाता पहुंचे। कोलकाता में बंगाल पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ संयुक्त अभियान चलाकर इन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, इस पूरी साजिश के पीछे गैंगस्टर डोनी बल का हाथ है। यह भी सामने आया है कि डोनी बल के कुछ हैंडलर यूरोप से इस गैंग को ऑपरेट कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस फरार शूटर आदित्य की तलाश में जुटी है और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को ध्यान में रखते हुए जांच तेज कर दी गई है।
राणा बलाचौरिया की हत्या 15 दिसंबर की शाम मोहाली के सोहाना इलाके में एक कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान हुई थी। वह पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) जिले के बलाचौर क्षेत्र के चनकोया गांव के रहने वाले थे। उनका पूरा नाम कंवर दिग्विजय सिंह राणा था। 30 वर्षीय कंवर दिग्विजय कबड्डी प्रमोटर बनने से पहले खुद एक कबड्डी खिलाड़ी रह चुके थे।
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राणा बलाचौरिया की शादी उनकी हत्या से करीब 10 दिन पहले ही हुई थी। कबड्डी के अलावा उन्हें पंजाबी गानों में मॉडलिंग का भी शौक था। वे सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते थे और अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अक्सर वर्कआउट के वीडियो और अलग-अलग हस्तियों के साथ तस्वीरें साझा करते थे।