पंजाब में नशे के खिलाफ 'सूरमा' अभियान का आगाज, 15 जुलाई तक 3,100 खेल मैदान और जिम होंगे शुरू; CM मान का ऐलान

Punjab Government: पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ 'सूरमा' अभियान शुरू किया। नशामुक्त युवाओं को 'उम्मीद के दूत' बनाकर रोजगार देगी सरकार। 15 जुलाई तक राज्य में खुलेंगे 3,100 खेल मैदान और 3,000 जिम।
Punjab launches 'Surma' campaign against drug abuse; 3,100 sports grounds and gyms to open by July 15, CM Mann announces
भगवंत मान (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Punjab CM Bhagwant Mann Launched Surma Campaign: पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करते हुए एक नई पहल 'सूरमा' अभियान की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लुधियाना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नशे की लत से उबर चुके लोगों को सम्मानित करते हुए उन्हें समाज में बदलाव के वाहक के रूप में आगे लाने का ऐलान किया। सरकार का उद्देश्य ऐसे लोगों को 'उम्मीद के दूत' बनाकर गांव-गांव तक नशा विरोधी संदेश पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो साल से अधिक समय तक नशामुक्त रहने वाले लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें और दूसरों को भी प्रेरित कर सकें। मान ने यह भी घोषणा की कि 15 जुलाई तक पंजाब के लगभग 3,100 गांवों में खेल मैदान और 3,000 जिम शुरू किए जाएंगे, जिससे युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित कर नशे से दूर रखा जा सके।

15 जुलाई तक 3,100 खेल मैदान और 3,000 जिम शुरू होंगे

राज्य के नशा-विरोधी अभियान के अगले चरण के तौर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का मकसद नशे की लत से उबर चुके लोगों को उम्मीद के दूत बनाना है, जो जमीनी स्तर पर नशे के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करेंगे। दो साल से ज्यादा समय तक नशे से दूर रहने वाले लोगों को सम्मानित करते हुए उन्होंने घोषणा की कि वे न सिर्फ दूसरों को नशे की लत से उबरने के लिए प्रेरित करेंगे, बल्कि राज्य सरकार उन्हें रोजगार के अवसर भी देगी। इस बात पर जोर देते हुए कि खेल नशे की समस्या के खिलाफ सबसे असरदार हथियार हैं, उन्होंने घोषणा की कि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में लगाने के लिए 15 जुलाई तक पूरे पंजाब में लगभग 3,100 विलेज स्पोर्ट्स ग्राउंड और 3,000 जिम शुरू हो जाएंगे।

रंगला पंजाब बनाने कि नींव रख रहा पंजाब

उन्होंने कहा कि राज्य का एक साथ अच्छी शिक्षा, सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा, खेल के बुनियादी ढांचे और पुनर्वास पर ध्यान देना, एक नशा-मुक्त और 'रंगला पंजाब' बनाने की नींव रख रहा है।

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि युवाओं ने नशे की वजह से सब कुछ गंवाने के बाद भी नशे की लत से उबरकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि आज उन्हें इसलिए सम्मानित किया जा रहा है क्योंकि उन्होंने नशे की लत को हराने में असाधारण साहस दिखाया है, जबकि समाज में इसे लेकर एक तरह का कलंक जुड़ा हुआ है।

नशे को बताया सामाजिक कलंक

सीएम भगवंत मान ने कहा, "नशे की लत से एक बड़ा सामाजिक कलंक जुड़ा हुआ है। जब लोगों को पता चलता है कि कोई नशे का आदी है, तो वे उस व्यक्ति से बात करना भी बंद कर देते हैं। ये युवा उस दर्द और सदमे से गुजरे हैं, लेकिन आज वे एक नई शुरुआत के लिए तैयार हैं और समाज की सेवा करने के लिए भी तैयार हैं।"

उन्होंने कहा, "इन युवाओं ने नशे की बीमारी पर काबू पा लिया है और अब वे अपने अनुभव साझा करके दूसरों की मदद कर सकते हैं। पंजाब सरकार नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास को लगातार मजबूत कर रही है और पूरे राज्य में आधुनिक सुविधाओं वाले विश्व-स्तरीय पुनर्वास केंद्र पहले से ही स्थापित किए जा रहे हैं।"

'शिक्षा और खेल ही गरीबी व नशे का स्थायी समाधान' : मान

राज्य की उपलब्धियों को गिनाते हुए, मुख्यमंत्री मान ने कहा कि सरकार ने सरकारी स्कूलों में अच्छी शिक्षा सुनिश्चित करके शिक्षा क्षेत्र में बदलाव किया है, जिससे पंजाब केरल और कई अन्य राज्यों को पीछे छोड़कर 27 के स्कोर के साथ नंबर एक राज्य के रूप में उभरा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा गरीबी मिटाने का सबसे बड़ा साधन है। उन्होंने कहा, "हमारे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे कल बड़े अधिकारी बनेंगे और अपने परिवारों को गरीबी से बाहर निकालने में मदद करेंगे। सिर्फ कार्ड या मुफ्त चीजें गरीबी को खत्म नहीं कर सकतीं, लेकिन शिक्षा में निश्चित रूप से ऐसा करने की ताकत है।"

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