

Highlights:
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में पंजाब बंद का आह्वान किया गया है।
किसान संगठनों ने प्रदर्शन और चक्का जाम किया, जबकि कई जगह पुलिस तैनात है।
पूरे इलाके में भारी हिंसा, आगजनी और प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली।
Parvinder Singh Jhota Murder: मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले को लेकर किसान संगठनों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।
पंजाब के मोहाली में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में आज राज्यव्यापी बंद बुलाया गया है, जिसके चलते लोगों ने डॉल्फिन चौक रोड को जाम कर दिया है।
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर का कहना हैं, कि "पंजाब बंद का आह्वान किया गया है। सभी यूनियनों ने मिलकर यह बंद बुलाया है। हम भगवंत मान सरकार की प्रतीकात्मक 'अर्थी दहन' कर रहे हैं। इसके बाद हम एक मार्च निकालेंगे। राज्य में नशे की समस्या के लिए भगवंत मान सरकार जिम्मेदार है।"
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने दावा किया कि आधी पुलिस नशे के कारोबार में शामिल है। भगवंत मान को हमारी चुनौती स्वीकार करनी चाहिए और 10 निष्पक्ष डॉक्टरों की एक टीम देनी चाहिए। हम पुलिस थानों में जाकर 'डोप टेस्ट' (नशे की जांच) करेंगे और सच्चाई सामने लाएंगे। नशे के खिलाफ उनकी 'जीरो टॉलरेंस' नीति एक झूठ है। परविंदर सिंह झोटा की हत्या के लिए भगवंत मान सरकार जिम्मेदार है।
अमृतसर के डीसीपी जसकरणजीत सिंह तेजा ने कहा, "कई संगठनों ने बंद का आह्वान किया है, इसलिए हमने पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया है। सब कुछ शांतिपूर्ण है। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अगर कोई अपनी मर्जी से अपनी दुकान बंद रखना चाहता है, तो वह ऐसा कर सकता है। लेकिन किसी को भी ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। यह बंद मानसा की घटना को लेकर बुलाया गया है।"
मनसा में हुई नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की सनसनीखेज हत्या के बाद बुधवार को पूरे इलाके में भारी हिंसा, आगजनी और प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली। मुख्य आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार की राजस्थान के सालासर से गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद, मानसा जिला प्रशासन ने उसके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर ड्राइव चलाकर मेडिकल स्टोर और वीर नगर स्थित उसके बहुमंजिला घर के अगले हिस्से को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया।
लुधियाना में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में बुलाए गए पंजाब बंद के बीच, लाधोवाल टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने भी इस बंद का समर्थन किया और टोल प्लाजा को टोल-मुक्त कर दिया।
प्रशासनिक बुलडोजर पहुंचने से ठीक पहले मानसा में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद, निहंगो और स्थानीय युवाओं के नेतृत्व में उग्र भीड़ ने आरोपी अश्वनी कुमार के उस मेडिकल स्टोर को घेर लिया जहां झोटा को गोलियां मारी गई थीं।
भीड़ ने दुकान में तोड़फोड़ की और उसे आग के हवाले कर दिया। दमकल की गाड़ियों और पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभालने का प्रयास किया, जिसके बाद बुलडोजर से दुकान का ढांचा गिरा दिया गया।