दोबारा गुल हुई बिजली, अमृतसर में मॉक ड्रिल से फिर छाया अंधेरा; लोगों से घरों में रहने की अपील
Punjab news: पंजाब में दुश्मन के हमलों से निपटने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट अभ्यास किए गए। जिसके बाद अमृतसर में फिर से अंधेरा छा गया, और प्रशासन ने नागरिकों से अपने घरों में रहने और घबराने से बचने की अपील की।
- Written By: अमन उपाध्याय
अमृतसर में मॉक ड्रिल से छाया अंधेरा, फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
अमृतसर: बुधवार को पंजाब के कई जिलों में अचानक सायरन बजने लगे, बिजली चली गई और जनजीवन थम सा गया। अमृतसर में जिला प्रशासन ने एक बार फिर ब्लैकआउट अभ्यास शुरू कर दिया है और लोगों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने घरों में ही रहें, बाहर न निकलें और घबराने की जरूरत नहीं है। इससे पहले भी ऐसी मॉक ड्रिल के दौरान बिजली की आपूर्ति रोकी गई थी।
अमृतसर के डिप्टी पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (डीपीआरओ) द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि जिला प्रशासन पूरी सावधानी बरतते हुए ब्लैकआउट की प्रक्रिया फिर से लागू कर रहा है। कृपया घर से बाहर न जाएं, घबराएं नहीं और घर के बाहर की सभी लाइटें बंद रखें। इस अभ्यास का उद्देश्य राज्य की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की जांच करना और आपदा या युद्ध जैसी स्थितियों में आम जनता की तैयारी को बेहतर बनाना था। यह मॉक ड्रिल अमृतसर के साथ-साथ लुधियाना, फिरोजपुर, बठिंडा, गुरदासपुर, होशियारपुर, पठानकोट, पटियाला, बरनाला और मोहाली में भी आयोजित की गई।
स्वास्थ्य सेवाओं को इससे मुक्त रखा गया
मोहाली और चंडीगढ़ में शाम 7:30 बजे से 10 मिनट के लिए बिजली आपूर्ति रोकी गई। लुधियाना में रात 8 से 8:30 बजे तक, संगरूर में 8:30 से 8:40 और फिरोजपुर में रात 9 से 9:30 तक ब्लैकआउट किया गया। इस दौरान बाजारों और शॉपिंग मॉल्स की बिजली काट दी गई, हालांकि अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं को इससे मुक्त रखा गया।
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चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित अंतरराज्यीय बस अड्डे सहित तीन विभिन्न स्थानों पर एक साथ सिविल डिफेंस की मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें गंभीर आपातकालीन परिस्थितियों की नकली स्थिति तैयार की गई। प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार के अभ्यास जनसुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, ताकि किसी भी आपदा के समय लोग बिना घबराहट के उचित तरीके से प्रतिक्रिया दे सकें।
कोई भी रोशनी न जलाए
एएसआई जगतार सिंह ने एएनआई से बातचीत में अमृतसर में हुए ब्लैकआउट की जानकारी देते हुए कहा, “रात 10:30 से 11 बजे के बीच लगभग आधे घंटे तक पूरे इलाके में बिजली बंद रही। हमें निर्देश मिले थे कि कोई भी रोशनी न जलाई जाए, ताकि दुश्मन को यह आभास न हो कि यहां कोई आबादी है। यह सब देश की सुरक्षा के मद्देनज़र एक अभ्यास के तौर पर किया गया था। कुछ लोग इन निर्देशों का पालन कर रहे थे, जबकि कुछ नहीं। जैसे ही सायरन बजा, दो मिनट के अंदर पूरे क्षेत्र में अंधेरा छा गया।”
