लुधियाना में पुलिस-आतंकियों के बीच मुठभेड़, लाडोवाल टोल के पास 2 को गोली लगी, इलाके में मचा हड़कंप
Encounter in Ludhiana: लुधियाना में पुलिस और आतंकी के बीच एनकाऊंटर हुआ है, जिसमें दोनों तरफ से ताबड़तोड़ गोलियां चलने की सूचना है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
लुधियाना में पुलिस-आतंकियों के बीच मुठभेड़, लाडोवाल टोल के पास 2 को गोली लगी, इलाके में मचा हड़कंप
Ludhiyana Terrorist Encounter: पंजाब के लुधियाना से एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मचा दी है। वीरवार को लुधियाना पुलिस की टीम का सामना एक आतंकवादी से हुआ, जिसके बाद शहर में पुलिस और आतंकवादी के बीच एनकाउंटर की सूचना आई। यह मुठभेड़ लाडोवाल टोल प्लाजा के पास हुई, जहां दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग की गई।
जैसे ही इस मुठभेड़ की सूचना मिली, लुधियाना पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा मौके पर रवाना हो गए। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। स्थानीय लोगों में फायरिंग की आवाज़ सुनकर दहशत फैल गई। पुलिस ने इस दौरान 2 हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए हैं, जो आतंकी के पास थे।
पुलिस और आतंकवादी के बीच मुठभेड़ अभी भी जारी है, और हालात पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने अभी तक इस घटना के संबंध में आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
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बड़ी वारदात करने की थी साजिश
इस मामले में और जानकारी जुटाई जा रही है। कहा जा रहा है कि आरोपियों द्वारा किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही थी, जिसके तहत वे सक्रिय थे। घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने पूरे इलाके में अलर्ट घोषित कर दिया है और जगह-जगह चेकिंग की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके।
बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के बारे में बात करें, तो यह एक चरमपंथी संगठन है जो 1978 में खालिस्तान समर्थक आंदोलन के तहत स्थापित हुआ था। बीकेआई को भारत सरकार की गृह मंत्रालय द्वारा आतंकवादी संगठनों की लिस्ट में सबसे ऊपर रखा गया है। इस संगठन की ताकत और प्रभाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नब्बे के दशक में जब भारत में चरमपंथ को समाप्त करने के लिए बड़े अभियानों का संचालन किया गया था, तब भी यह संगठन जीवित रहा और पाकिस्तान और अन्य विदेशी शक्तियों से मदद प्राप्त कर रहा था।
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साल 1993 के बाद जब कई आतंकवादी गुट खत्म हो गए, तब भी बीकेआई अपने अस्तित्व में बना रहा और खालिस्तान समर्थक गतिविधियों में शामिल रहा। साउथ एशिया टेररिज़म पोर्टल के अनुसार, बीकेआई को दक्षिण एशिया के सबसे संगठित और खतरनाक आतंकवादी समूहों में से एक माना जाता है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस समय इस गुट के संभावित आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही हैं और पूरे इलाके की निगरानी बढ़ा दी गई है।
