

Highlights:
जगतार सिंह हवारा को पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली
पैरोल की याचिका पर सुनवाई हो रही थी, 19 नवंबर को अगली सुनवाई
पूर्व सीएम बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी करार दिया गया है
Punjab Ex CM Beant Singh Murder Case: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बुधवार को जगतार सिंह हवारा की पैरोल याचिका पर सुनवाई की। हवारा को कोर्ट से सुनवाई के दौरान कोई राहत नहीं मिली। न्यायालय ने सभी संबंधित पक्षों को रजिस्ट्री में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। हालांकि, सुनवाई के दौरान कोई बहस नहीं हो सकी। मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी। जगतार सिंह हावारा को पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की 1995 में हुई हत्या के मुख्य साजिशकर्ता के रूप में दोषी ठहराए जाने के कारण जेल में रखा गया है।
हावारा को 21 सितंबर, 1995 को गिरफ्तार किया गया, उन पर मुकदमा चलाया गया और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया। गिरफ्तारी की तारीख से लेकर आज तक वह जेल में हैं; उन्हें 28 साल से अधिक समय से कारावास की सजा मिली है। निचली अदालत ने 27 मार्च, 2007 के आदेश द्वारा हावारा को दोषी ठहराया और उन्हें मृत्युदंड दिया। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने 12 अक्टूबर, 2010 के आदेश द्वारा सजा को संशोधित करते हुए उन्हें आजीवन कारावास में बदल दिया।
इससे पहले अगस्त में, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्यपाल से मुलाकात कर मानवीय आधार पर जगतार सिंह हावारा की बिगड़ती मां के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उन्हें 10 दिन की पैरोल देने की सिफारिश की थी। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिफारिश हावारा को उनकी मां से मिलने की अनुमति देने के लिए की गई थी, जिन्होंने उन्हें तीन दशकों से अधिक समय से नहीं देखा है। सीएम के अनुसार उनकी मां 31 साल बाद उनसे मिलने की इच्छा रखती हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चूंकि मामला केंद्र शासित प्रदेश में सुना जा रहा है, इसलिए केंद्र सरकार को अनुरोध भेजने में राज्यपाल की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि मैंने आज राज्यपाल से मुलाकात की क्योंकि चूंकि मामला केंद्र शासित प्रदेश में सुना जा रहा है, इसलिए राज्यपाल की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और मामला केंद्र को भेजा जाएगा। अंतिम निर्णय केंद्र के पास है, लेकिन हमने 10 दिन की पैरोल का अनुरोध किया है।