'बेवजह परेशान हो रही पुलिस, धीरेंद्र शास्त्री पर्चा निकालकर बताए चोरों का नाम; राम मंदिर मामले पर टिकैत का तंज

Ram Mandir controvrcy : किसान नेता राकेश टिकैत ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बाबा बागेश्वर पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वह पर्चा निकालकर सब कुछ बता देते हैं, तो आरोपियों के नाम भी बता दें।
"Police are being unnecessarily harassed," Dhirendra Shastri issued a pamphlet naming the thieves; Tikait's sarcasm on the Ram Temple issue.
राकेश टिकैत (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Rakesh Tikait On Ram Mandir Donation Case: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बाबा बागेश्वर पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि यदि बाबा बागेश्वर पर्चा निकालकर लोगों के बारे में सब कुछ बता सकते हैं, तो उन्हें राम मंदिर चढ़ावा मामले में शामिल आरोपियों के नाम भी बता देने चाहिए, ताकि पुलिस और प्रशासन को बेवजह परेशान न होना पड़े।

टिकैत ने कहा कि इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चंदे की गिनती में शामिल लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पूरे मामले को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए। किसान नेता ने अयोध्या में नेताओं के दौरे और भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड डील को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।

फ्री ट्रेड डील को लेकर सरकार को घेरा

राकेश टिकैत ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाला फ्री ट्रेड एग्रीमेंट सीधे तौर पर अमेरिका की ओर से डिक्लेरेशन था, जिसका डेलिगेशन भी भारत में आया था। दो तीन दिन तक भारत में भी रहा, लेकिन अभी तक दोनों के बीच किसी भी प्रकार का समझौता नहीं हुआ, क्योंकि यहां किसान और किसान संगठनों का दबाव सरकार पर रहा है।

इसे लेकर हमने भी धरने प्रदर्शन किए, क्योंकि इससे उनका माल जीरो ड्यूटी पर आएगा और हमारे माल को वहां भेजने के लिए 18 फीसद ड्यूटी देनी होगी। अभी वो समझौता नहीं हुआ है। अब अगर समझौता होगा, तो हम अगले ही दिन इसे लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

स्मार्ट मीटर को लेकर सरकार को घेरा

राकेश टिकैत के मुताबिक, किसानों के बीच बिजली की भी समस्या है। एक और समस्या आ चुकी है, जिसे स्मार्ट मीटर कहा जा सकता है। वो भी एक बड़ी बीमारी है। हमने सरकार को कहा है कि आप अपने घोषणापत्र में साफ करिए कि आप स्मार्ट मीटर लगाएंगे या नहीं? इसे लेकर आपको अपनी तस्वीर साफ करनी होगी, क्योंकि यह जनता से जुड़ा विषय है।

हम उसी आधार पर जिसकी सरकार बनेगी, स्मार्ट मीटर पर काम करेंगे। आप घोषणापत्र में इस बात का जिक्र कर दो कि हमारी सरकार बनेगी, तो हम स्मार्ट मीटर लगाएंगे। जनता आपको वोट देगी या नहीं, आप उस पर काम करो।

बेईमानी का रास्ता अपना रही भाजपा

साथ ही, राकेश टिकैत ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और भाजपा की राजनीतिक स्थिति को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, मौजूदा स्थिति को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि दोनों ही दल काफी मजबूती के साथ मैदान में हैं। वैसे इन्हें वोट कोई दे नहीं रहा है। इसी वजह से ये लोग बेईमानी का रास्ता ज्यादा अपना रहे हैं।

राम मंदिर चढ़ावा मामले पर कसा तंज

वहीं, राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले को लेकर उन्होंने कहा कि मामले की जांच हो रही है। कई लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। अगर इन लोगों से रिकवरी भी हुई है, कितनी हुई है। इसे लेकर भी तस्वीर साफ होनी चाहिए। ट्रस्ट के सभी लोग इसमें शामिल नहीं हो सकते हैं। ट्रस्ट दिल्ली और बेंगलुरू का हो सकता है। जो लोग चंदे की गिनती में शामिल थे, वो हो सकते हैं।

इन लोगों की एक गैंग होगी। ज्यादा गड़बड़ गितनी करने वालों ने की है। ये सभी लोग सीसीटीवी फुटेज में आएं होंगे। जिसने दान के पैसे खाए हैं, उसे देने ही होंगे, इस जन्म में नहीं, तो दूसरे जन्म में देने होंगे। सरकार और पुलिस को इस मामले में जो भी कार्रवाई करनी है, वो मंदिर परिसर के बाहर करें, क्योंकि बहुत लोग यहां पर दर्शन के लिए आते हैं।

एसआईटी जांच पर जताया भरोसा

टिकैत असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर राम मंदिर ट्रस्ट में कोई मुस्लिम होता, तो अब तक उसका एनकाउंटर हो जाता।

इस पर राकेश टिकैत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि क्या वक्फ बोर्ड की संपत्ति नहीं बेची गई। अब इस मामले को ज्यादा तूल देने की जरूरत नहीं है। मुद्दा साफ है कि जिसने चोरी की है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। एसआईटी पूरे मामले की जांच कर रही है।

पर्चा निकालकर आरोपियों के नाम बता दें बाबा

उन्होंने बाबा बागेश्वर के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि राम मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी सनातन धर्म पर श्रद्धा रखने वाले लोगों को ही दी जानी चाहिए। इस पर किसान नेता राकेश टिकैत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम लोग तो बेकार में ही परेशान हो रहे हैं।

बाबा बागेश्वर पर्चा निकालकर वैसे भी सब कुछ बता देते हैं, तो वो भला क्यों नहीं राम मंदिर के चढ़ावा चोरी में शामिल आरोपियों के बारे में बता देते हैं। वह एक बार सब कुछ बता दें, तो पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। बेवजह पुलिस प्रशासन परेशान हो रहा है।

मामले को राजनीतिक रंग देने से बचें

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि पुलिस प्रशासन अपना काम कर रही है। लिहाजा इसे किसी भी मामले में राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए। आपको हर धर्म में ऐसे लोग मिल जाते हैं, जो चंदा चोरी जैसी गतिविधियों में शामिल रहते हैं। यहां तक की आपको हमारे संगठन में भी कई लोग पर्ची काटते हुए मिल जाएंगे और कई बार यह पकड़ में नहीं आते हैं। इस तरह के लोग आपको हर जगह मिल जाएंगे। चंदा फिर दे देंगे, कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन, जिसने चुराया है, उसे उसके किए की सजा मिली है।

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