डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे व MNS प्रमुख राज ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई: महाराष्ट्र के राजनीति में कब क्या हो जाए पता नहीं। इस साल होने वाले निकाय चुनावों को लेकर पार्टियों ने रणनीतियां बनाना शुरू कर दिया है। इस बीच राज्य उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मंगलवार यानी 15 अप्रैल की रात मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के आवास पर पहुंचे। इसके बाद एक बार फिर से राजनीति गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद राज ठाकरे और एकनाथ शिंदे के बीच अनबन की चर्चा थी। यह अनबन माहिम विधानसभा सीट को लेकर थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजनीतिक विभाजन को पाटने के लिए एकनाथ शिंदे और राज ठाकरे मुलाकात कर रहे हैं। साथ ही मुंबई महानगरपालिका चुनाव (BMC) की पृष्ठभूमि में यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि यह पहली बार नहीं है कि एकनाथ शिंदे और राज ठाकरे एक-दूसरे से मिले हो, लेकिन इस मीटिंग का विशेष महत्व है।
ऐसा इसलिए, क्योंकि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना के सदा सरवणकर विधानसभा चुनाव में माहिम विधानसभा सीट से अमित ठाकरे के खिलाफ मैदान में खड़े थे। इस बात की खूब चर्चा थी कि सदा सरवणकर की उम्मीदवारी वापस न लेने से एकनाथ शिंदे और राज ठाकरे के बीच राजनीतिक दरार पैदा हो गई है।
अमित ठाकरे विधानसभा चुनाव में हार गए थे। इसके बाद एकनाथ शिंदे पहली बार राज ठाकरे से मिलने पहुंचे थे। एकनाथ शिंदे और राज ठाकरे के बीच बैठक से क्या राजनीतिक समीकरण उभर कर आते हैं? यह तो आने वाला समय ही बता पाएगा, लेकिन इस मुलाकात को लेकर कई मायने निकाले जा रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री व शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे की यह बैठक करीब रात के 9.30 बजे शुरू हुई और 11.15 बजे तक चली। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में डिप्टी सीएम शिंदे ने कहा कि राज ठाकरे से मुलाकात के बाद बालासाहेब की यादें ताजा हो गईं। यह मुलाकात पूरी तरह सद्भावनापूर्ण थी।
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एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह एक शिष्टाचार भेंट थी। हम बालासाहेब ठाकरे के समय से साथ काम करते थे। कुछ कारणों से हम कुछ समय से नहीं मिल पाए थे। आप जानते हैं कि इसका कारण क्या था, लेकिन अब हम कभी भी मिल सकते हैं और बात कर सकते हैं। वह मुझसे भी मिलते हैं। हर मुलाकात का राजनीतिक मतलब निकालना ठीक नहीं है।
राज्य मंत्री व शिंदे गुट के नेता उदय सामंत ने कहा कि “हम जानते हैं कि अगर राज ठाकरे के घर एकनाथ शिंदे डिनर पर जाते हैं तो इसका निश्चित तौर पर राजनीतिक असर होगा, लेकिन अगर राज ठाकरे हमारे साथ आते हैं तो हमें खुशी होगी। राज ठाकरे और एकनाथ शिंदे का रिश्ता बहुत पुराना है।”