भूमिहार या मारवाड़ी वैश्य? अयोध्या विवाद के बीच सामने आई राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की असली पहचान
Who is Champat Rai: अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावा कांड को लेकर श्री राम मंदिर अयोध्या ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय घेरे में आ गए है। इस बीच उनकी जाति को लेकर भी कई अटकलें लगाई जा रही है। जानें आखिर कौन है चंपत राय और उनका पूरा जीवन।
- Written By: प्रिया जैस
आयोध्या चढ़ावा कांड आने के बाद से विभिन्न जातियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे ही सवाल श्री राम मंदिर अयोध्या ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की जाति को लेकर भी उठ रहें है। सोशल मीडिया पर कई लोगों द्वारा चंपत राय को भूमिहार जाति से जोड़कर बताया जा रहा हैं।
18 नवंबर 1946 को पश्चिम उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना कस्बे का सरायमीर मोहल्ला निवासी रामेश्वर प्रसाद बंसल और सावित्री देवी के घर एक बच्चे का जन्म हुआ। उनका नाम चंपत राय बंसल रखा गया। मारवाड़ी (वैश्य) परिवार में जन्मे चंपत बचपन से ही शांत स्वभाव के थे।
मोहर्रम पर CM योगी का बड़ा फैसला! हथियार, ताजिये और कानफोड़ू DJ पर लगाई लगाम, जारी की नई गाइडलाइन
Ram Mandir Scam: राम मंदिर दानपात्र घोटाले पर डिंपल यादव का बड़ा आरोप, जांच के लिए ज्यूरी बनाने की मांग
खून से CM योगी को लिखा पत्र! श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे पर उठे बड़े सवाल, देखें VIDEO
मजार पर बुलडोजर एक्शन, आगरा में सालों पुराने धार्मिक स्थल पर पुलिस की कार्रवाई, देखें VIDEO
चंपत के पिता रामेश्वर जीवन के शुरुआती दिनों से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सदस्य थे। पिता को देख उन्होंने भी आरएसएस में शामिल होने का फैसला किया।
वैश्य होने और बर्तन बेचने का परिवारिक कारोबार होने के बावजूद उन्हें पढ़ने-लिखने का भी बहुत शौक था। चंपत राय आरएसएस से जुड़ने से पहले वह धामपुर के एक कॉलेज में रसायन विज्ञान (Chemistry) के प्रोफेसर थे।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव, चंपत राय अविवाहित हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और राम मंदिर आंदोलन को समर्पित कर दिया है और वे आजीवन ब्रह्मचारी रहे हैं।
आपातकाल: 1975 में आपातकाल (Emergency) के दौरान, उन्होंने 18 महीने जेल में बिताए थे और बाद में अपनी सरकारी नौकरी छोड़कर पूर्णकालिक रूप से संघ के प्रचारक बन गए थे।
चंपत राय को उन्हें राम मंदिर आंदोलन का 'इनसाइक्लोपीडिया' भी कहा जाता है। वह 1980 के दशक से ही इस आंदोलन से गहराई से जुड़े रहे हैं और कानूनी लड़ाई के लिए ऐतिहासिक साक्ष्य और दस्तावेज जुटाने में उनकी प्रमुख भूमिका रही है।
भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार ने चंपत राय को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराने और बर्खास्त करने की मांग की है। राम जन्मभूमि कार्यकर्ता संतोष दुबे ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर से लगभग 1,250 सोने, चांदी, हीरे जड़े और अष्टधातु की ईंटें भी गायब हुई हैं।
अयोध्या के राम मंदिर में दान पात्रों से धनराशि चोरी होने के मामले को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही चर्चाओं और राजनीतिक बयानों के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूरे प्रकरण की विशेष जांच दल (SIT) की जांच की जा रही है। इस मामले में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सवालों के घेरे में हैं।
