E20 पेट्रोल क्या है, क्या इसके इस्तेमाल से कम माइलेज दे रही गाड़ियां? इस फोटो स्टोरी के जरिए जानें सबकुछ
What is E20 Petrol: देश में कच्चे तेल की आयात पर निर्भरता कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने अप्रैल 2026 में तय समय से पहले ही सभी पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल उपलब्ध करा दिया था।
- Written By: मनोज आर्या
E20 पेट्रोल में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण होता है। सरकार का दावा है कि इस कदम से विदेशी मुद्रा की बड़ी बचत होगी और गन्ना किसानों को भी सीधा फायदा मिलेगा। लेकिन अब कई वाहन चालकों की शिकायतें इस नीति पर नई बहस छेड़ रही हैं।
क्या E20 फ्यूल, पेट्रोल से बेहतर है? यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप 'बेहतर' किसे मानते हैं- पर्यावरण को या वाहन के माइलेज को। पर्यावरण और देश की अर्थव्यवस्था के लिहाज से E20 फ्यूल (80% पेट्रोल+20% एथिल अल्कोहल/एथेनॉल) पारंपरिक पेट्रोल से काफी बेहतर है।
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एथेनॉल एक रिन्यूएबल फ्यूल है जिसे गन्ने, मक्के और खराब अनाज से बनाया जाता है। इसके इस्तेमाल से वाहनों से होने वाला कार्बन उत्सर्जन लगभग 20-25% तक कम हो जाता है, जिससे प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलती है। साथ ही, बड़े पैमाने पर एथेनॉल ब्लेंडिंग से भारत का कच्चे तेल का आयात बिल घटता है, जिससे देश के पैसे बचते हैं।
हालांकि, वाहन के परफॉर्मेंस के मामले में इसके कुछ नकारात्मक पहलू भी हैं। चूंकि एथेनॉल की ऊर्जा सघनता (Energy Density) शुद्ध पेट्रोल की तुलना में लगभग 33% कम होती है, इसलिए E20 ईंधन का उपयोग करने वाले वाहनों के माइलेज में सामान्य पेट्रोल के मुकाबले 6 से 7 प्रतिशत की मामूली गिरावट देखी जा सकती है।
क्या भारत में E20 पेट्रोल पर बैन है? इसका जवाब है नहीं। भारत में E20 पेट्रोल पर बिल्कुल भी बैन नहीं है, बल्कि सरकार इसे देश भर में तेजी से बढ़ावा दे रही है। भारत सरकार ने देश को प्रदूषण मुक्त बनाने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (EBP) शुरू किया है। सरकार का लक्ष्य पूरे देश में 20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
वर्तमान में, भारत के हजारों पेट्रोल पंपों पर E20 फ्यूल सफलतापूर्वक बेचा जा रहा है। अप्रैल 2023 के बाद निर्मित होने वाले सभी नए वाहन (कार और टू-व्हीलर) अनिवार्य रूप से 'E20 ट्यून-अप' के साथ आ रहे हैं, यानी उनके इंजन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे E20 पेट्रोल पर बिना किसी खराबी के चल सकें।
पेट्रोल टैंक में E20 क्या है? जब पेट्रोल पंप या आपकी गाड़ी के पेट्रोल टैंक के संदर्भ में 'E20' लिखा होता है, तो इसका मतलब ईंधन के मिश्रण अनुपात से होता है। यहां 'E' का मतलब एथेनॉल है और '20' का मतलब 20 प्रतिशत है। यानी, यह एक ऐसा ईंधन है जिसमें 80% पारंपरिक फॉसिल पेट्रोल और 20% बायो-एथेनॉल मिलाया गया है।
E20 पेट्रोल के साइड इफेक्ट क्या हैं? E20 पेट्रोल के मुख्य साइड इफेक्ट्स या नुकसान उन पुराने वाहनों में देखने को मिलते हैं जो इस ईंधन के अनुकूल नहीं हैं। एथेनॉल स्वभाव से अत्यधिक संक्षारक होता है और यह नमी को सोखता है। यदि किसी पुरानी गाड़ी में (जो E20 के लिए नहीं बनी है) इसे लगातार डाला जाए, तो यह इंजन के रबर गैसकेट, प्लास्टिक पाइप, फ्यूल पंप और एल्युमीनियम के पुर्जों को धीरे-धीरे गलाने या जंग लगाने लगता है।
इंजन स्टार्टिंग और हीटिंग की समस्या भी कई वाहनों में देखने को मिली है। नमी सोखने के कारण ईंधन टैंक के अंदर पेट्रोल और पानी अलग हो सकते हैं, जिससे गाड़ी स्टार्ट होने में दिक्कत (खासकर सर्दियों में) आ सकती है और इंजन ज्यादा गर्म हो सकता है।
जैसा कि पहले बताया गया है, एथेनॉल में कम कैलोरीफिक वैल्यू होने के कारण वाहन चलाने के लिए ज्यादा ईंधन की खपत होती है, जिससे माइलेज 6-7% तक कम हो जाता है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दावा किया है कि E20 के इस्तेमाल से उनकी गाड़ी का माइलेज 30 प्रतिशत तक कम हो गया है।
