गुरु बिना ज्ञान कहां.. आज गुरू पूर्णिमा पर इन संदेशों के जरिए अपने गुरुओं को करें प्रणाम, मिलेगा आशीर्वाद
आज देशभर में गुरु पूर्णिमा का पावन त्योहार मनाया जा रहा है यह दिन गुरूओं को समर्पित दिन होता है आपके माता-पिता से लेकर जीवन भर के सभी गुरूओं को सम्मान देने का यह दिन हिंदू धर्म में पूजनीय माना जाता है।
- Written By: दीपिका पाल
देशभर में 21 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा जो खास दिन दुनियाभर के गुरूओं को समर्पित दिन होता है। इस खास दिन पर जन्म से लेकर अब तक के गुरूओं को प्रणाम किया जाता है। इस खास मौके पर दुनियाभर में प्रसिद्ध गुरू-शिष्य की जोडि़यों के बारे में जानिए।
हिंदू धर्म में गुरू पूर्णिमा का पर्व काफी महत्वपूर्ण माना जाता है इसे व्यास पूर्णिमा और वेद पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।
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गुरु पूर्णिमा का यह खास पर्व आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है जो आज 21 जुलाई को मनाई जा रही है।
गुरु पूर्णिमा का महत्व गुरु और शिष्य के पवित्र संबंध का प्रतीक है। इस दिन शिष्य अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं और उनके ज्ञान और मार्गदर्शन के लिए उनका सम्मान करते हैं।
भारतीय संस्कृति में गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान दर्जा दिया गया है, क्योंकि गुरु ही हमें अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। यह दिन हमें गुरु के योगदान को सराहने और उनके द्वारा दिए गए ज्ञान का सम्मान करने का अवसर प्रदान करता है।
गुरू पूर्णिमा पर महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था, जिन्होंने महाभारत, पुराण और वेदों का संकलन किया था। इस दिन 'व्यास पूर्णिमा' का भी महत्व होता है।
वेद व्यास को सम्मानित करने और उनके ज्ञान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए इस दिन को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है।
