हालांकि इसका मतलब ये तो बिल्कुल भी नहीं है कि रक्षा क्षेत्र की मजबूती पर भारत सरकार का ध्यान नहीं है या इसे इग्नोर किया जा रहा है। साथ ही ऐसा भी नहीं है कि खर्च नहीं बढ़ाने के कारण डिफेंस सेक्टर की मजबूती प्रभावित हो रही है, बल्कि सच्चाई इसके विपरीत है।