भारतीय रेलवे के लिए वित्त वर्ष 2026-27 एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी साल साबित हो सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बजट में रेलवे के लिए पहले से अधिक बजट आवंटित कर सकती हैं। इस भारी निवेश का मुख्य उद्देश्य यात्री सुविधाओं को बढ़ाना और वेटिंग लिस्ट के संकट को पूरी तरह खत्म करना है।
मोदी सरकार का विजन AI तकनीक और नई पीढ़ी की ट्रेनों के जरिए रेल सफर की सूरत बदलना है। रेलवे अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक नवाचारों के जरिए यात्रियों की सुरक्षा और अनुभव बेहतर करेगा।
रेल मंत्रालय को बड़ी धनराशि रेल लाइनों के विस्तार, नई ट्रेनों के निर्माण और आधुनिक तकनीक पर खर्च की जा सकती है।
स्लीपर वंदे भारत की सुविधा बढ़ सकती है। लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए सरकार जून तक 8 नई स्लीपर वंदे भारत ट्रेनें चलाएगी। पूरे वित्त वर्ष के दौरान देशवासियों को ऐसी कुल 12 अत्याधुनिक स्लीपर ट्रेनों की बड़ी सौगात मिल सकती है।
ऐसा कहा जा रहा है कि मध्यम वर्ग के लिए अमृत भारत ट्रेनों का विस्तार जारी रहेगा और मार्च तक इनका नया वर्जन 3.0 आएगा। अमृत भारत 3.0 पूरी तरह से वातानुकूलित (AC) कोचों के साथ आएगी जिसके रैक ICF में तैयार हो रहे हैं।
वेटिंग लिस्ट से छुटकारा देने के लिए सरकार काम कर रही है। अगले दो वर्षों में वेटिंग लिस्ट की समस्या को पूरी तरह खत्म करना रेल मंत्रालय का प्रमुख लक्ष्य है। इसके लिए रेलवे अतिरिक्त कोचों के निर्माण और नई पीढ़ी की ट्रेनों के संचालन पर विशेष ध्यान दे रहा है।
भारतीय रेल ट्रैक दोहरीकरण और इंजनों के निर्माण के लिए पूंजीगत व्यय में भारी बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव बजट में शामिल है।
रेलवे की आय बढ़ाने के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को बंदरगाहों और औद्योगिक पार्कों से जोड़ा जाएगा। इससे माल ढुलाई का बड़ा हिस्सा सड़क मार्ग से शिफ्ट होकर रेल मार्ग की ओर आने की प्रबल संभावना है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश भर के सैकड़ों रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने का काम तेज होगा। ग्रीन स्टेशन और नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन की दिशा में भी सरकार इस बार नए बजटीय प्रावधान ला रही है।