बदलते मौसम में क्यों नहीं रुक रही सूखी खांसी? ये 5 आसान उपाय दिलाएंगे तुरंत राहत!

Dry Cough Remedies: मौसम बदलते ही कई लोगों को सूखी खांसी की समस्या बढ़ जाती है जो लंबे समय तक परेशान कर सकती है। यह एलर्जी, ठंडी हवा या इम्यूनिटी कमजोर होने की वजह से हो सकती है। ऐसे में घरेलू उपाय आपको राहत दे सकते हैं।
Dry Cough Problem In Changing Weather
खांसी से परेशान महिला (सौ. फ्रीपिक)
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cough
इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दिन की तेज धूप और रात में चलने वाली ठंडी हवाओं का सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ रहा है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव के कारण नाक, गला और फेफड़ों में संक्रमण के साथ-साथ एलर्जी की समस्याएं तेजी से बढ़ी हैं। वर्तमान में सबसे अधिक लोग जिस समस्या से जूझ रहे हैं वह है सूखी खांसी। इसमें बलगम नहीं आता, लेकिन गले में लगातार होने वाली खुजली और खराश इंसान को बेहाल कर देती है। कुछ सरल घरेलू उपायों और सही दिनचर्या को अपनाकर इस समस्या से घर बैठे निजात पाई जा सकती है।
gargle
गुनगुना पानी और गरारे: गले की सूजन को कम करने के लिए गुनगुना पानी पीना सबसे प्राथमिक और प्रभावी उपाय है। गुनगुना पानी न केवल गले के सूखेपन को कम करता है, बल्कि म्यूकस को पतला कर खांसी पर नियंत्रण पाता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि यदि गुनगुने पानी में चुटकी भर नमक मिलाकर गरारे (Gargle) किए जाएं, तो यह गले की अंदरूनी जलन और बैक्टीरिया को तुरंत खत्म करने में मदद करता है।
honey
शहद: आयुर्वेद में शहद को रोग नाशक की उपाधि दी गई है। विज्ञान भी इस बात की पुष्टि करता है कि शहद में प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। सूखी खांसी के दौरान शहद गले में एक सुरक्षात्मक परत बना देता है। रात को सोने से पहले एक चम्मच शुद्ध शहद का सेवन या इसे गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से रातभर उठने वाली खांसी से राहत मिलती है और नींद गहरी आती है।
steam
स्टीम इनहेलेशन: आयुर्वेद में श्वसन सुधारक मानी जाने वाली भाप गले और फेफड़ों के मार्ग की जलन को शांत करती है। एक बर्तन में गर्म पानी लेकर उसकी भाप को धीरे-धीरे सांस के माध्यम से अंदर लेना चाहिए। यदि इस पानी में तुलसी के पत्ते या पुदीने के तेल की कुछ बूंदें डाल ली जाएं, तो यह बंद नाक और गले की जकड़न को खोलकर ठंडी खांसी के खतरे को कम कर देता है।
food
खान-पान और जड़ी-बूटियों: जब आप सूखी खांसी से पीड़ित हों तो आहार पर विशेष ध्यान देना अनिवार्य है। ज्यादा तला-भुना, ठंडा या अत्यधिक मसालेदार भोजन गले की नसों में उत्तेजना बढ़ाकर खांसी को ट्रिगर कर सकता है। इसकी जगह अदरक, काली मिर्च, हल्दी और तुलसी जैसी जड़ी-बूटियों का सेवन करें। रात में 'हल्दी वाला दूध' या 'अदरक-तुलसी की चाय' पीना गले की सूजन मिटाने का सबसे पुराना और सफल नुस्खा है।
protection from pollution
प्रदूषण और धूल से बचाव: धूल, धुआं और बढ़ता प्रदूषण सूखी खांसी को गंभीर बना देते हैं। स्मोकिंग करने वालों या धुएं वाले इलाकों में रहने वालों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। घर के अंदर वेंटिलेशन सही रखें और हवा में नमी बनाए रखने के लिए ह्यूमिडिफायर का उपयोग भी किया जा सकता है।

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