Panch Kedar Temple: केदारनाथ ही नहीं उत्तराखंड में स्थित हैं भगवान शिव के 5 सबसे ऊंचे मंदिर, बड़ी संख्या में पहुंचते है भक्त
उत्तराखंड को देवभूमि कहते हैं जहां के कण-कण में भगवान शिव का वास होता है। यहां पर राज्य में भगवान शिव के प्रसिद्ध 5 मंदिर है जहां पर बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं और इन मंदिरों को पंच केदार के नाम से जानते है।
- Written By: दीपिका पाल
Panch Kedar Temple: उत्तराखंड को देवभूमि कहते हैं जहां के कण-कण में भगवान शिव का वास होता है। यहां पर राज्य में भगवान शिव के प्रसिद्ध 5 मंदिर है जहां पर बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं और इन मंदिरों को पंच केदार के नाम से जानते है।
केदारनाथ- दुनिया के सबसे बड़े और प्रसिद्ध मंदिर केदारनाथ का नाम आता है। यह मंदिर रूद्रप्रयाग जिले के केदार घाटी में स्थित है। यहां पर मनोकामना के साथ भक्त पहुंचते है और कभी नंगे पैर तो, कहीं लेटकर भगवान शिव के दर्शन करते है।
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तुंगनाथ-इन पंच केदार मंदिरों में तुंगनाथ मंदिर का नाम आता है। यह सबसे ऊंचाई पर स्थित भगवान शिव का मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण पांडवों ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया था।
मध्यमहेश्वर- पंच केदार मंदिरों में इस मंदिर का नाम आता है। यहां पर बाबा के दर्शन के लिए भक्त मनोकामना लेकर पहुंचते है। यह दिव्य मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में चौखम्बा पर्वत की तलहटी में स्थित है।
रुद्रनाथ- उत्तराखंड के पंच केदारों में इस रूद्रनाथ मंदिर का नाम आता है। यह रूद्रनाथ धाम मंदिर चमोली जिले में समुद्रतल से 11,808 की ऊंचाई पर स्थित है।एक ऐसा शिव मंदिर है जहां भगवान शंकर के मुख के दर्शन होते हैं। कहा जाता है शिव ने वृषभ रूप में पांडवों को रुद्रनाथ धाम में मुख दर्शन दिए थे।
कल्पेश्वर मंदिर- उत्तराखंड के पंच केदार मंदिरों में पांचवा मंदिर कल्पेश्वर मंदिर आता है। यह मंदिर चमोली जिले के हेलंग से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर सालों साल भक्तों के लिए खुलता है और भगवान शिव के जटा रूप की पूजा की जाती है। इसकी ऊंचाई की बात करें तो, कल्पेश्वर मंदिर समुद्र तल से लगभग 2134 मीटर की ऊंचाई पर है।
