मुसलमानों को परेशान किए जाने के आरोप पर ओडिशा हाईकोर्ट सख्त, भाजपा सरकार से मांगा जवाब
HC on Odisha Police Torture Case: ओडिशा में बंगाली भाषा बोलने वाले मुस्लिम फेरीवालों को बांग्लादेशी बताकर पुलिस उत्पीड़न का मामला अब हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है।
- Written By: रंजन कुमार
ओडिशा हाई कोर्ट। इमेज-एआई
Odisha Muslim Discrimination Case: भाजपा (BJP) शासित राज्यों में लगातार मुसलमानों को धर्म के पहचान के आधार पर हिंसा और भेदभाव का सामना करना पड़ रहा। हाल में यूपी, असम, उत्तराखंड और ओडिशा में मुसलमानों के साथ हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। इसी तरह से बीते दिनों ओडिशा में बंगाली भाषा बोलने वाले मुसलमानों को बांग्लादेशी बताकर परेशान किए जाने के मामले सामने आ रहे।
इस तरह के एक मामले में अब ओडिशा हाईकोर्ट ने मोहन चरण माझी सरकार को कड़े निर्देश देते हुए दो हफ्ते में जवाब देने के लिए कहा है। हाई कोर्ट ने कहा, वह मुर्शिदाबाद के सागरपाड़ा के चार लोगों के साथ पुलिस उत्पीड़न के आरोपों पर हलफनामा दाखिल करे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाई कोर्ट ने कहा कि पूरे मामले में जो कुछ हुआ है, उसका लिखित विवरण 14 दिनों में अदालत में जमा कराया जाए।
27 नवंबर की घटना से जुड़ी है आरोपों की पृष्ठभूमि
आरोपों की पृष्ठभूमि 27 नवंबर की घटना से जुड़ी है। ओडिशा के नयागढ़ जिले के ओडागांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने मुर्शिदाबाद निवासी शख्स के किराए के मकान पर छापा मारा था। आरोप है कि पुलिस घर में घुसते उस इंसान से पूछताछ करने लगी। पीड़ित पेशे से हॉकर (फेरीवाला) है। पुलिस ने उससे अलग-अलग तरह के सवाल किए।
सम्बंधित ख़बरें
अब 10 लाख के बजाय जमा करने होंगे लाख रुपये! हाईकोर्ट से सामाजिक कार्यकर्ता शेखर जनबंधु को बड़ी राहत
महिला अधिवक्ता को परेशान करना पड़ा भारी, हाईकोर्ट ने जमानत रद्द कर बार काउंसिल को दिए जांच के निर्देश
बुलडोजर कार्रवाई पर कोर्ट में नहीं बनी सहमति; जजों के मतभेद में फंसा मामला, अब तीसरे न्यायाधीश करेंगे फैसला
‘पहले वोट चोरी और अब सीट चोरी…’ जबलपुर हाईकोर्ट में मीनाक्षी नटराजन ने दायर की याचिका; BJP पर साधा निशाना
पुलिस ने शक की बुनियाद पर पकड़ लिया
पीड़ित नौजवान सामान बेचकर आजीविका चलाते और दो पहिया वाहनों के जरिए गांव-गांव घूमकर कंबल, मच्छरदानी और ऊनी कपड़ों की बिक्री करते हैं। बंगाली भाषा में बातचीत करने की वजह से पुलिस ने उन्हें महज शक की बुनियाद पर पकड़ लिया। पुलिस ने इन नौजवानों को कथित तौर रोहिंग्या- बांग्लादेशी बताते हुए 72 घंटे में ओडिशा छोड़ने का फरमान सुना दिया।
यह भी पढ़ें: विधायकों के आए अच्छे दिन…वेतन 211% बढ़ा, देश में सबसे अधिक सैलरी पाने वाले बने ओडिशा के MLA
पुलिस ने दी जगह छोड़ने की धमकी
ओडा गांव की पुलिस ने पिछले हफ्ते चार मुस्लिम नौजवानों को अपना कारोबार बंद कर राज्य से बाहर जाने का आदेश दिया था। इस आदेश के लिए तय समय सीमा सोमवार को पूरी हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को ये चारों युवक ओडा गांव पुलिस स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने अपने आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड दिखाए। पुलिसकर्मियों ने उन्हें 3 दिनों में क्षेत्र छोड़ने की चेतावनी दी। आरोप है कि वर्दी में मौजूद एक अधिकारी ने उनसे बार-बार बंगाली भाषा में बात करने पर सवाल उठाया और उन्हें रोहिंग्या-बांग्लादेशी कहकर मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया। रिपोर्ट में कहा गया कि जिन नौजवानों को राज्य छोड़ने के लिए कहा गया, वे सभी मुर्शिदाबाद जिले के डोमकल सब-डिवीजन के जंगली ब्लॉक के अंतर्गत सागर पाड़ा ग्राम पंचायत के रहने वाले हैं।
