ओडिशा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करना पड़ा भारी, BJD ने 6 विधायकों को पार्टी से किया सस्पेंड

Odisha News: ओडिशा के राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले BJD विधायकों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। पार्टी ने उन 6 विधायकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है जिन्होंने क्रॉस वोटिंग की थी।
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BJD Big Action: बीजू जनता दल ने शनिवार को ओडिशा में हुए हालिया राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से हटकर मतदान करने वाले अपने छह विधायकों को निलंबित कर दिया है। बताया गया कि इन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की जो पार्टी के सामूहिक निर्णय के खिलाफ माना गया। यह कार्रवाई उनके कारण बताओ नोटिस के जवाबों की जांच और बीजेडी अनुशासनात्मक कमेटी द्वारा पूरी तरह से समीक्षा के आधार पर की गई।

सस्पेंड किए गए उम्मीदवारों में चक्रमणि कन्हार (बालीगुडा), नबा किशोर मल्लिक (जयदेव), सौविक बिस्वाल (चौद्वार-कटक), सुबासिनी जेना (बस्ता), रमाकांत भोई (तिर्तोल), और देवी रंजन त्रिपाठी (बांकी) शामिल हैं।

सस्पेंशन से पहले कारण बताओ नोटिस

बीजेडी ने सस्पेशन से पहले इन सभी छह विधायकों को कारण बताओ नोटिस भेजा था। जिसके बाद पार्टी की अनुशासनात्मक कमेटी ने कार्रवाई करते हुए यह फैसला लिया। एक बयान में बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक ने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी का संविधान अपने सदस्यों से पक्की वफादारी की मांग करता है। इस कदम को अनुशासन को मजबूत करने और पार्टी की ईमानदारी बनाए रखने की दिशा में एक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

क्या है क्रॉस वोटिंग का पूरा मामला?

दरअसल, हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में ओडिशा की चार सीटों में से भाजपा को दो सीटें मिलीं। जबकि एक सीट बीजेडी और एक भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई। राज्य में कुल 147 विधायक हैं। जिनमें भाजपा और उसके समर्थकों की संख्या 82 है। चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को पहली पसंद के तौर पर 93 वोट मिले जो अपेक्षित संख्या से 11 अधिक थे। इनमें 8 वोट बीजेडी और 3 कांग्रेस विधायकों के बताए जा रहे हैं। इसी क्रॉस वोटिंग के चलते बीजद ने सख्त कार्रवाई का फैसला लिया।

राज्यसभा चुनाव नतीजे से बदले समीकरण

दरअसल, राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद ओडिशा की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी और बीजेडी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया था। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह परिणाम विधानसभा के अंदर बदलते सियासी समीकरणों और आने वाले समय की रणनीति का संकेत दे रहा है।

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