चुनाव से पहले सुलग उठा असम! दो समुदायों के बीच झड़प में एक की मौत, हिंसा-बवाल के बाद बंद किया गया इंटरनेट

Assam News: असम के कोकराझार में सोमवार रात एक कार एक्सीडेंट के बाद सांप्रदायिक तनाव भड़क गया जो मंगलवार को हिंसा में बदल गया। जिसके बाद सरकार ने RAF तैनात करते हुए इंटरनेट बैन कर दिया है।
pre election tension in assam communal violence triggers death and internet ban
हिंसा के बाद मौके पर स्थिति संभालती हुई पुलिस (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Assam Violence: असम के कोकराझार में सोमवार रात एक कार एक्सीडेंट के बाद सांप्रदायिक तनाव भड़क गया जो मंगलवार को हिंसा में बदल गया। मंगलवार को भीड़ की हिंसा के दौरान बोडो और आदिवासी समुदायों के बीच झड़पों में कथित तौर पर एक व्यक्ति की मौत हो गई।

मौके पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को तैनात किया गया है। कोकराझार और चिरांग जिलों में इंटरनेट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। असम में कुछ ही महीनों में चुनाव होने हैं। जिसके मद्देनजर स्थिति को और संवेदनशील माना जा रहा है।

जानिए क्या कुछ है पूरा मामला?

गृह विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार रात कोकराझार पुलिस स्टेशन के तहत करिगांव चौकी इलाके में मानसिंह रोड पर तीन बोडो लोगों को ले जा रहे एक वाहन ने दो आदिवासी लोगों को टक्कर मार दी। इस घटना के बाद आदिवासी ग्रामीणों ने तीनों बोडो लोगों पर हमला किया और वाहन में आग लगा दी। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई।

तैनात की गई रैपिड एक्शन फोर्स

उन्होंने बताया कि मंगलवार को स्थिति और बिगड़ गई जब बोडो और आदिवासी दोनों समुदायों ने करिगांव चौकी के पास नेशनल हाईवे को ब्लॉक कर दिया, टायर जलाए और कुछ घरों में आग लगा दी, एक सरकारी दफ्तर में आग लगा दी और करिगांव पुलिस चौकी पर हमला किया। बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को रोकने और नियंत्रित करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है।

मंगलवार को घटना के विरोध में स्थिति और बिगड़ गई। बोडो और आदिवासी दोनों समुदायों के लोगों ने नेशनल हाईवे को ब्लॉक कर करते हुए टायर जलाए, कुछ घरों में आग लगा दी और एक सरकारी दफ्तर और एक पुलिस चौकी पर हमला किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। कई लोग घायल हुए जिनमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

इंटरनेट और मोबाइल डेटा बंद

व्यवस्था बनाए रखने के लिए RAF को तैनात किया गया है। गृह विभाग को आशंका है कि सोशल मीडिया और इंटरनेट का इस्तेमाल भड़काऊ संदेश और अफवाहें फैलाने के लिए किया जा सकता है, इसलिए उसने अगले आदेश तक पूरे जिले में सभी मोबाइल सेवा प्रदाताओं की इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

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