नींद में थे लोग और अचानक हिलने लगे घर, पूर्वोत्तर के कई राज्यों में 5.2 तीव्रता का बड़ा भूकंप, लोगों में दहशत
पूर्वोत्तर भारत में मंगलवार सुबह 5:59 बजे 5.2 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। मणिपुर के कामजोंग में केंद्र होने के साथ असम और नागालैंड में भी झटके लगे, फिलहाल कोई नुकसान नहीं हुआ है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
सांकेतिक तस्वीर
Northeast India Earthquake: पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। मंगलवार सुबह करीब 5:59 बजे धरती हिलने लगी, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.2 दर्ज की गई। इसका केंद्र मणिपुर के कामजोंग क्षेत्र में बताया गया है। भूकंप के झटके मणिपुर के साथ-साथ नागालैंड, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी महसूस किए गए। हालांकि राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
EQ of M: 5.2, On: 21/04/2026 05:59:33 IST, Lat: 24.703 N, Long: 94.415 E, Depth: 62 Km, Location: Kamjong, Manipur.
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मणिपुर की धरती 7 अप्रैल को भी दो बार भूकंप के झटकों से हिल गई थी। उस दौरान रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता क्रमशः 4.3 और 3.0 दर्ज की गई थी। इन झटकों का असर इतना था कि कंपन अरुणाचल प्रदेश तक महसूस किया गया था।
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भूकंप क्यों आता है?
पृथ्वी के अंदर कई टेक्टोनिक प्लेट्स होती हैं, जो लगातार गतिशील रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती या खिसकती हैं, तो उस क्षेत्र को फॉल्ट लाइन कहा जाता है। समय के साथ इन प्लेट्स के बीच दबाव बढ़ता जाता है और जब यह दबाव अचानक रिलीज होता है, तो ऊर्जा बाहर निकलती है, जिससे भूकंप आता है।
भूकंप का केंद्र और तीव्रता क्या होती है?
भूकंप का केंद्र, जिसे एपिसेंटर कहा जाता है, वह स्थान होता है जिसके ठीक नीचे पृथ्वी के भीतर ऊर्जा का विस्फोट होता है। इसी स्थान पर कंपन सबसे अधिक महसूस होता है। जैसे-जैसे दूरी बढ़ती है, झटकों का प्रभाव कम होता जाता है। हालांकि, यदि भूकंप की तीव्रता 7 या उससे अधिक हो, तो लगभग 40 किलोमीटर के दायरे में इसका असर काफी तेज हो सकता है।
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कैसे मापी जाती है तीव्रता?
भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर मापी जाती है, जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल भी कहा जाता है। इस पैमाने पर 1 से 9 तक के स्तर होते हैं। भूकंप के दौरान निकलने वाली ऊर्जा के आधार पर इसकी तीव्रता तय की जाती है, जिससे उसके प्रभाव और संभावित नुकसान का अनुमान लगाया जाता है।
