मुसलमानों से सुरक्षा के लिए अपने घरों में रखें हथियार…भाजपा नेता के बयान पर बवाल
Hindus to Keep Weapons: दिल्ली में मुसलमानों के विरुद्ध गोरिला युद्ध की अपील के बाद असम में भाजपा नेता ने हिंदुओं से अपने घरों में हथियार रखने की अपील की है। लोगों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है।
- Written By: रंजन कुमार
असम के भाजपा नेता पियाल डे।
Assam News: हाल में दिल्ली में हैदराबाद के भाजपा विधायक टी राजा सिंह ने मुसलमानों के खिलाफ गुरिल्ला वार छेड़ने की अपील की है। इसके बाद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हिंदूवादी संगठन से जुड़े पिंकी चौधरी द्वारा हथियार बांटने का बयान आया। अब असम के भाजपा नेता पियाल डे ने आम लोगों से हथियार रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अकेले नरेंद्र मोदी, सीएम योगी और हेमंत बिस्वा सरमा क्या कर लेगा? लोगों को अब खुद आगे आना होगा। मुसलमानों से अपनी सुरक्षा के लिए सभी को अपने-अपने घर में हथियार रखना होगा।
भाजपा नेता की इस अपील के बाद इलाके के मुसलमान भड़क गए हैं। उन्होंने इस नेता के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग की है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के गुवाहाटी झालुकबारी विधानसभा क्षेत्र में मंडल अध्यक्ष पियाल डे इस अपील का वीडियो सोशल मीडिया पर है। इस वीडियो के माध्यम से वो हिंदुओं से हथियार रखने की अपील कर रहे हैं। इस वीडियो को देखकर स्थानीय लोग भड़क गए हैं।
सरकार और पुलिस कार्रवाई करे
गुवाहाटी हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट और माइनॉरिटी काउंसिल ऑफ असम के प्रमुख रेजाउल करीम ने पियाल की इस अपील पर कहा कि इस तरह से मंडल अध्यक्ष हथियार रखने की अपील कर रहा है, ये पूरी तरह असंविधानिक है। इस पर असम सरकार और असम पुलिस को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। इससे इलाके में दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ सकता है। इस तरह की अपील समाज के हित में नहीं है।
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इस तरह का बयान देना उचित नहीं
दूसरी तरफ असम के इतिहाद फ्रंट के प्रमुख नुरुल इस्लाम का कहना है कि पियाल डे का बयान सांप्रदायिक है। यह बिल्कुल गलत है। किसी को इस तरह से बयान देने की इजाजत नहीं है। चुनाव से पहले इस तरह के बयानों से समाज में विवाद पैदा होने की आशंका है। लोगों के बीच आपसी खाई पैदा होगी। पुलिस को इस पर संज्ञान लेना चाहिए।
बांग्लादेशी मूल के मुसलमानों की आबादी 40 प्रतिशत
हाल में एक चैनल के इंटरव्यू में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने असम की बदलती डेमोग्राफी को लेकर सनसनीखेज दावा किया है। हिमंता ने कहा है कि असम एक बारूद के ढेर पर बैठा है। यहां बांग्लादेशी मूल के लोगों की आबादी 40 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
