पाकिस्तानी एक्टर फवाद खान की फिल्म 'द लीजेंड ऑफ मौला जट्ट' की बढ़ीं मुश्किलें (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
मुंबई: फवाद खान और माहिर खान स्टारर पाकिस्तानी फिल्म ‘द लीजेंड ऑफ मौला जट्ट’ भारत में 2 अक्टूबर को रिलीज होने वाली थी। रिलीज डेट अनाउंस होने के बाद से फिल्म को लेकर विरोध होने लगा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी फिल्म ‘द लीजेंड ऑफ मौला जट’ की स्क्रीनिंग को इंडिया में रोक दिया गया है। अगर यह फिल्म भारतीय बॉक्स ऑफिस पर रिलीज होती है, तो यह एक दशक बाद भारत में रिलीज होने वाली पहली फिल्म बन जाती। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में ये फिल्म कुछ सीमित सिनेमाघरों में ही रिलीज होने वाली थी।
‘द लीजेंड ऑफ मौला जट्ट’ पाकिस्तानी क्लासिक फिल्म मौला जट्ट का रीमेक है। फिल्म का मुख्य फोकस नूरी नट और स्थानीय नायक मौला जट्ट के बीच पौराणिक प्रतिद्वंद्विता के इर्द-गिर्द है। ‘द लीजेंड ऑफ मौला जट्ट’ साल 2022 में पाकिस्तान समेत दुनियाभर में रिलीज हो चुकी है। ये फिल्म काफी हिट भी रही थी। साल 2016 में उरी आतंकी हमले के बाद से ही भारत में पाकिस्तानी फिल्मों की स्क्रीनिंग और पाकिस्तानी कलाकारों के काम करने पर रोक लगा दी गई थी। कई कलाकारों ने इस फैसले का सम्मान किया।
2019 से पाकिस्तान ने भी अपने देश में भारतीय फिल्मों पर बैन लगाया हुआ है। वहां तब से अब तक कोई भी भारतीय फिल्म रिलीज नहीं की गई है। फवाद और माहिरा भारत में काफी फेमस हैं। दोनों ही कलाकार भारत में कई फिल्मों में काम भी कर चुके हैं। उरी अटैक के बाद से ही भारत-पाकिस्तान मनोरंजन इंडस्ट्री डायनेमिक्स को पूरी तरह से बदल दिया गया है।
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इस महीने की शुरुआत में, एमएनएस सिनेमा विंग के अध्यक्ष अमेय खोपकर ने एएनआई से कहा, “हम भारत में किसी भी पाकिस्तानी फिल्म या अभिनेता का मनोरंजन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “यह फिल्म रिलीज़ नहीं होगी। अगर ऐसा हुआ, तो एक मजबूत आंदोलन होगा।” महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने भी इस फिल्म के खिलाफ लंबा-चौड़ा पोस्ट शेयर करके अपना विरोध जताया था।