मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2024 में लघु फिल्म ‘कर्नल कलसी’ का होगा प्रीमियर
मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2024 में लघु फिल्म 'कर्नल कलसी' का प्रीमियर होगा। लघु फिल्म कर्नल कलसी अमेरिकी सिख सैन्य अधिकारी कमलजीत कलसी के इर्द-गिर्द घूमती है। उनके पिता भारतीय वायु सेना में सेवारत थे और दादा ब्रिटिश सेना में थे। कलसी ने अपने परिवार की परंपरा को जारी रखने का फैसला किया और अमेरिका में रहते हुए वहां की सेना में शामिल हो गए।
- Written By: सोनाली झा
मुंबई: मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के 18वें संस्करण का आगाज हो गया है। इसके साथ ही इवेंट में दिखाई जाने वाली फिल्म का ऐलान हो गया है। 20 जून को मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में लघु फिल्म ‘कर्नल कलसी’ का प्रीमियर होगा। कर्नल कलसी, अमेरिकी सेना के एक सिख अधिकारी की धार्मिक भेदभाव के खिलाफ लड़ाई पर आधारित है।
लघु फिल्म कर्नल कलसी अमेरिकी सिख सैन्य अधिकारी कमलजीत कलसी के इर्द-गिर्द घूमती है। उनके पिता भारतीय वायु सेना में सेवारत थे और दादा ब्रिटिश सेना में थे। कलसी ने अपने परिवार की परंपरा को जारी रखने का फैसला किया और अमेरिका में रहते हुए वहां की सेना में शामिल हो गए। अमेरिका की सेना में भर्ती के लिए प्रशिक्षण के दौरान उनकी धार्मिक पहचान कोई मुद्दा नहीं रही, लेकिन जब अफगानिस्तान में तैनाती का समय आया तो उनसे अपने बाल और दाढ़ी कटवाने को कहा गया, क्योंकि इससेएस्प्रिट डे कोर (यूनिट की भावना) में बाधा उत्पन्न होती।
सिख धर्म में बाल और दाढ़ी रखना धार्मिक पहचान का हिस्सा है। बाल और दाढ़ी कटवाने के आदेश के बाद कलसी ने अमेरिकी सेना पर अपने संवैधानिक अधिकार को बरकरार रखने के लिए मुकदमा दायर किया। पुरस्कार विजेता निर्देशक आनंद कमलाकर और गीता गंडभीर द्वारा यह 40 मिनट की लघु फिल्म बनाई गई है।
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कमालकर ने इससे पहले गार्विन, होली होली रिवर और 300 माइल्स टू फ्रीडम जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है। वहीं गंडभीर एमी पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता हैं, जो आई एम एविडेंस, कॉल सेंटर ब्लूज और लॉउन्डेस काउंटी एंड द रोड टू ब्लैक पॉवर जैसी फिल्मों के लिए मशहूर हैं। कर्नल कलसी को पहले न्यूयॉर्क इंडियन फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया जा चुका है। मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 15 जून को शुरु होगा और 21 जून को समाप्त होगा।
बता दें कि केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन ने मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के 18वें संस्करण का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव वृत्तचित्र, लघु और एनीमेशन फिल्मों का उत्सव है। वृत्तचित्र फिल्में अद्वितीय क्षमताओं, भावनाओं और मानवीय संबंधों को उचित तरीके से पेश करने में अहम भूमिका निभाती हैं। हमारा भारत कंटेंट निर्माण करने का गढ़ है। हमारे भारत में कहानी सुनाना हमारी दादी-नानी और माताओं से चली आ रही परंपरा है। इन कहानियों से हम सिनेमा और उपन्यास के लिए कंटेंट निकाल रहे हैं।
