

Yavatmal Wildlife Hunting Case: यवतमाल जिले के पांढरकवडा वनपरिक्षेत्र में वन्यप्राणियों का अवैध शिकार करने वाले गिरोह पर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर बिछाए गए जाल में शुभम प्रकाश सोयाम (19), जीवन पंडित सोयाम (44) और प्रकाश सत्तू सोयाम (45) नामक तीन शिकारी फंस गए। ये आरोपी दोपहिया वाहन के जरिए घूम-घूमकर मासूम वन्यजीवों का शिकार कर रहे थे। वन अधिकारियों ने आरोपियों को गोपालपुर से कारंजा मार्ग पर नाकाबंदी के दौरान दबोचा।
पकड़े गए संदिग्धों की तलाशी लेने पर उनके पास से शिकार में इस्तेमाल होने वाले फंदे और अन्य घातक सामग्री बरामद हुई। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि इन आरोपियों ने राष्ट्रीय पक्षी मोर और खरगोशों का शिकार किया था। ये दोनों ही जीव वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित श्रेणी में आते हैं। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों का शिकार करना एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है।
महाराष्ट्र वन विभाग ने इस मामले में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 48 (अ), 50 तथा भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से अदालत ने उन्हें 3 दिन की वन हिरासत में भेजने का आदेश सुनाया। यह पूरी कार्रवाई उपवनसंरक्षक यशवंत बहाले के मार्गदर्शन में वनपरिक्षेत्र अधिकारी विजेंद्र दुबे और उनकी टीम द्वारा सफलतापूर्वक पूरी की गई।
इस सफल अभियान में स्थानीय वनरक्षकों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी वन्यजीवों की तस्करी या शिकार जैसी अवैध गतिविधियां दिखाई दें, तो तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि वन्यजीवों को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।