

Jal Pradhikaran Maharashtra: यवतमाल शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था संभाल रहे जीवन प्राधिकरण ने बीते एक वर्ष में वसूली अभियान को गति देते हुए करीब 13 करोड़ रुपए की राशि वसूल की है। इसके बावजूद नगर परिषद प्रशासन पर अब भी लगभग 32 करोड़ रुपए की बड़ी बकाया राशि लचित है, जो विभाग के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है।
शहर में पानी की खपत लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में शहर में प्रतिदिन लगभग 53.24 दशलक्ष लीटर (एमएलडी) पानी की मांग दर्ज की जा रही है। गर्मी के मौसम में यह मांग और अधिक चढ़ जाती है, जिससे जल आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
जीवन प्राधिकरण विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रफुल्ल व्यवहारे का कहना है कि यदि समय पर बिल वसूली नहीं हुई, तो भविष्य में जल परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव पर असर पड़ सकता है।
जीवन प्राधिकरण के रिकॉर्ड के अनुसार शहर में 43,466 घरेलू नल कनेक्शन, 488 व्यावसायिक कनेक्शन और 382 धार्मिक स्थलों के कनेक्शन है। इतनी बड़ी संख्या में कनेक्शन होने के बावजूद नियमित भुगतान नहीं होने से बकाया राशि लगातार बढ़ रही है।
शहर के कई हिस्सों में अवैध नल कनेक्शन भी सामने आए हैं, जिससे विभाग को राजस्व का नुकसान हो रहा है। साथ ही, इससे जल आपूर्ति प्रणाली पर अनावश्यक भार पड़ता है और वैध उपभोक्ताओं को भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता।
बकाया वसूली के लिए जीवन प्राधिकरण ने विशेष टीमें गठित कर मैदान में उतारी हैं। ये टीमें उपभोक्ताओं से संपर्क कर उन्हें बिल भुगतान के लिए प्रेरित कर रही हैं और आवश्यक कार्रवाई भी कर रही हैं।
बकाया रखने वालों को भी नोटिस किए जा रहे हैं। एक वर्ष में 313 उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए जा चुके है। इसके अलावा 155 बकायेदारों को वकीलों के माध्यम से नोटिस जारी किए गए हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बकाया राशि नहीं चुकाने वालों के खिलाफ अब राख्त कदम उठाए जाएंगे। इसमें नल कनेक्शन काटना, जुर्माना लगाना और कानूनी कार्रवाई शामिल हो सकती है।
जीवन प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय पर पानी का बिल जमा करें। इससे न केवल जल आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रहेगी, बल्कि शहर की बढ़ती पानी की माग को भी बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा।