

Umarkhed Drought Situation: पिछले दो महीनों से बारिश नहीं हाने के कारण सोयाबीन, कपास, ज्वार, तुअर, हल्दी और गन्ने सहित विभिन्न फसलों की वृद्धि प्रभावित हुई है। बारिश के अभाव और प्रतिकूल प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण फसलों पर विभिन्न रोगों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे फसलें खराब होने लगी हैं और किसान आर्थिक संकट में फंस गए हैं।
सूखा सदृश्य इस परिस्थिति को देखते हुए फसल बीमा की पूरी राशि किसानों को देने तथा सोयाबीन के लिए प्रति एकड़ 50 हजार रुपए अनुदान देने की मांग कृषि उपज बाजार समिति के संचालक मंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की है।
उमरखेड कृषि उपज बाजार समिति के कार्यक्षेत्र में सोयाबीन, कपास, हल्दी, गन्ना, तुअर और ज्वार जैसी फसलों की बड़े पैमाने पर बुआई की जाती है। पिछले दो महीनों से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण फसलों की वृद्धि रुक गई है। इस सूखे के संकट के पर बाजार समिति की बैठक में प्रस्ताव रखे गए।
इसमें उमरखेड तहसील के किसानों को फसल बीमा की पूरी राशि तथा सूखा सदृश्य परिस्थिति के कारण शासन से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत उमरखेड तहसील के सभी किसानों की फसलों का तत्काल पंचनामा कराया जाए और किसानों के खातों में फसल बीमा की पूरी राशि जमा की जाए। साथ ही सोयाबीन के लिए प्रति एकड़ 50 हजार रुपए के हिसाब से सूखा अनुदान तत्काल उपलब्ध कराया जाए, ऐसी मांग की गई है।
इस संबंध में उपविभागीय अधिकारी सखाराम मुळे के माध्यम से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन भेजा गया। इस अवसर पर सभापति कृष्णा पाटील देवसरकर, उपसभापति श्रीपाल आडे, प्रविण पाटील मिराशे, बालासाहेब भट्टड, विवेक कन्नावार, गजानन सोलंके, शिवराम कदम, रहीमोद्दीन खतीब, विश्वास कांबले आदि उपस्थित थे।